रेड फोर्ट को निशाना बनाने की साजिश, लश्कर की आतंकी योजना पर इनपुट

दिल्ली में हाई अलर्ट

रेड फोर्ट को निशाना बनाने की साजिश, लश्कर की आतंकी योजना पर इनपुट

Conspiracy to target Red Fort, input on Lashkar's terror plan

राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी किया है, क्योंकि खुफिया सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला और आसपास के इलाकों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित विस्फोटक हमले की आशंका के चलते लाल किले और उससे सटे क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि दिल्ली के व्यस्त बाजार क्षेत्र चांदनी चौक को भी निशाना बनाया जा सकता है। खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला है कि आतंकी संगठन आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हमले की योजना बना रहा है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के अलावा अन्य शहरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी संभावित लक्ष्य बताया गया है।

यह अलर्ट 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए भीषण कार विस्फोट के तीन महीने बाद आया है। उस हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी और करीब दो दर्जन लोग घायल हुए थे। विस्फोट लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट हुआ था, जब विस्फोटकों से भरी एक कार में धमाका हुआ, जिससे आसपास खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई।

डीएनए जांच के अनुसार, विस्फोटक वाहन उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन नबी चला रहा था, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर के रूप में कार्यरत था। घटना से कुछ घंटे पहले हरियाणा के फरीदाबाद जिले के धौज क्षेत्र से कश्मीरी डॉक्टर डॉ. मुज़म्मिल गनई को गिरफ्तार किया गया था। उसके किराए के आवास से लगभग 360 किलोग्राम संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट और हथियारों का जखीरा बरामद हुआ था।

रिपोर्ट के अनुसार, जैश-ए-मुहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा के बीच दुर्लभ समन्वय देखने को मिला है। दोनों संगठनों द्वारा दिल्ली और उत्तर प्रदेश के प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना बनाए जाने की आशंका जताई गई है।

खुफिया एजेंसियों के इंटरसेप्ट के मुताबिक, इस कथित संयुक्त अभियान को ज़ुल्म का बदला नाम दिया गया है और इसे रावलपिंडी स्थित हैंडलर्स द्वारा निर्देशित किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस साजिश में जैश प्रमुख मसूद अज़हर से जुड़े तत्व और लश्कर सुप्रीम हाफ़िज़ सईद के सहयोगियों के शामिल होने के संकेत हैं।

सूत्रों का कहना है कि यह योजना भारत की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कार्रवाई के जवाब के रूप में देखी जा रही है, जिसमें सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इंटरसेप्टेड संचार में इन संगठनों द्वारा बदले की भावना व्यक्त किए जाने की बात सामने आई है।

उत्तर प्रदेश से मिले इनपुट के अनुसार, गाजियाबाद और दादरी क्षेत्रों में स्लीपर सेल्स सक्रिय थे, जो संभावित प्रवेश बिंदुओं की रेकी कर रहे थे। खुफिया सूत्रों ने यह भी बताया कि नेपाल और बांग्लादेश सीमाओं के रास्ते घुसपैठ की कोशिशें की जा रही हैं। कुछ ऑपरेटिव कथित रूप से फर्जी पहचान के साथ मजदूर या ठेला-रेहड़ी विक्रेता बनकर घुलने-मिलने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके अलावा, पंजाब से ट्रक मार्गों के जरिए विस्फोटक सामग्री लाए जाने की आशंका जताई गई है। कुछ सामग्रियों का स्रोत पाकिस्तान से जुड़ा होने की भी जांच चल रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी और संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है। आधिकारिक स्तर पर विस्तृत बयान का इंतजार है, लेकिन फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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