दिल्ली में एक बड़े आतंकी साजिश का पर्दाफाश होते ही इसके तार सुरक्षा एजेसिंयो को पुराने आतंकी शब्बीर अहमद लोन तक ले गए है। सूत्रों के अनुसार, जिन आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, उनका बांग्लादेश-स्थित हैंडलर शब्बीर अहमद लोन सीधे ISI, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष नेतृत्व संपर्क रखता है, जिसमें 26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद और वरिष्ठ कमांडर ज़की-उर-रहमान-लखवी शामिल हैं।
कौन है शब्बीर अहमद लोन?
शब्बीर अहमद लोन “राजू” के नाम से भी जाना था। शब्बीर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा एक कश्मीरी आतंकवादी है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने शब्बीर को 2007 में नई दिल्ली में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय, उसके पास एक AK-47 राइफल, हैंड ग्रेनेड और लगभग ₹1 लाख “हवाला” के पैसे मिले थे। 2012 में, दिल्ली की एक कोर्ट ने सबूतों की कमी वजह से लोन को सबसे गंभीर आरोपों से बरी कर दिया, जिसमें “सरकार के ख़िलाफ़ जंग छेड़ना” (IPC सेक्शन 121) और अनलॉफ़ुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) की अलग-अलग धाराएँ शामिल थीं। उसे सिर्फ़ आर्म्स एक्ट के तहत पिस्तौल रखने का दोषी पाया गया और छह साल जेल की सज़ा सुनाई गई।
आर्म्स एक्ट के तहत सज़ा काटने के बाद, लोन को एनफ़ोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) द्वारा फ़ाइल किए गए एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग केस में कस्टडी में रखा गया। सितंबर 2019 में दिल्ली की अदालत ने उसे इस आधार पर ज़मानत दे दी कि पर्सनल लिबर्टी बहुत कीमती होती है और उसे दोषी साबित होने तक उन्हें बेगुनाह माना जाना चाहिए। 2019 में बेल पर रिहा होने के बाद, लोन भारत से भाग गया और बांग्लादेश चला गया। बांग्लादेश में सक्रिय होने के बाद शब्बीर वहीं से नेटवर्क संचालित करता है।
22 फरवरी, 2026 तक, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने लोन की पहचान हाल ही में नाकाम की गई एक साज़िश के मास्टरमाइंड के तौर पर की है, जिसमें दिल्ली और कोलकाता में गिरफ्तार किए गए कई बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। वह अभी बांग्लादेश से काम कर रहा है, भारत विरोधी पोस्टर लगाने और लोकल टेरर सेल को कोऑर्डिनेट करने जैसी गतिविधियों को डायरेक्ट कर रहा है।
जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, ISI भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती करने की कोशिश कर रही है। हालिया गिरफ्तारियों के बाद दिल्ली पुलिस को संदेह है कि भर्ती और ऑपरेशनल प्लानिंग के लिए वित्तीय मदद भी आईएसआई की ओर से उपलब्ध कराई जा रही थी।
22 फरवरी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने लोन की पहचान हाल ही में नाकाम की गई एक साज़िश के मास्टरमाइंड के तौर पर की है, जिसमें दिल्ली और कोलकाता में गिरफ्तार किए गए कई बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। वह अभी बांग्लादेश से काम कर रहा है, भारत विरोधी पोस्टर लगाने और लोकल टेरर सेल को कोऑर्डिनेट करने जैसी गतिविधियों को डायरेक्ट कर रहा है।
जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, ISI भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती करने की कोशिश कर रही है। हालिया गिरफ्तारियों के बाद दिल्ली पुलिस को संदेह है कि भर्ती और ऑपरेशनल प्लानिंग के लिए वित्तीय मदद भी आईएसआई की ओर से उपलब्ध कराई जा रही थी।
दिल्ली पुलिस ने आज आठ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। इनमें से छह मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबत, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल को तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले की गारमेंट इकाइयों से पकड़ा गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई तब शुरू की गई जब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिला कि एक मॉड्यूल देश के विभिन्न हिस्सों में विध्वंसक गतिविधियों की योजना बना रहा है।
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