मुंबई एयरपोर्ट पर तस्करी से बचाई गई विलुप्तप्राय ‘सिलवरी गिबन’, एक जीवित तो दूसरा मृत; आरोपी गिरफ्तार

बैंकॉक से आए एक अन्य यात्री को 7.97 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) के साथ पकड़ा।

मुंबई एयरपोर्ट पर तस्करी से बचाई गई विलुप्तप्राय ‘सिलवरी गिबन’, एक जीवित तो दूसरा मृत; आरोपी गिरफ्तार

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मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने सोशल मीडिया पर आक्रोश और संवेदना दोनों पैदा कर दी हैं। एक यात्री के बैग से लुप्तप्राय सिलवरी गिबन (Silvery Gibbon) को बचाया गया, जबकि दूसरा शावक दुर्भाग्यवश मृत पाया गया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पशु-प्रशिक्षक (animal handler) डर से कांप रहे छोटे गिबन को धीरे-धीरे सांत्वना देता है। यह दृश्य न केवल भावनात्मक है, बल्कि वन्यजीवों की अवैध तस्करी की क्रूर सच्चाई को उजागर करता है।

कस्टम अधिकारियों को बैंकॉक से वन्यजीव तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद संदिग्ध यात्री के सामान की जांच की गई, जिसमें एक ट्रॉली बैग के अंदर छिपाई गई टोकरी से दो नन्हे सिलवरी गिबन, उम्र क्रमशः दो और चार महीने, बरामद हुए।

एक अधिकारी ने बताया, “यह बहुत दुखद दृश्य था। इन अत्यंत बुद्धिमान और सामाजिक जानवरों को तंग जगह में लंबे समय तक बंद रखा गया था। इससे उन्हें गहरी मानसिक और शारीरिक पीड़ा हुई। दुर्भाग्य से उनमें से एक शावक की मौत हो गई।” कस्टम विभाग ने आरोपी को कस्टम्स अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है।

सिलवरी गिबन इंडोनेशिया के जावा द्वीप में पाई जाने वाली अत्यंत संकटग्रस्त (endangered) प्रजाति है। विश्व में इनकी संख्या अब 2,500 से भी कम रह गई है। अपने चांदी जैसे फर और संगीतमय पुकारों के लिए प्रसिद्ध यह प्रजाति एकांगी (monogamous) होती है और छोटे पारिवारिक समूहों में रहती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, तस्कर अक्सर बेबी गिबन को पकड़ने के लिए वयस्क गिबनों को मार देते हैं, जिससे पूरा परिवार नष्ट हो जाता है और प्रजाति की संख्या तेजी से घटती है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी कि एक्सोटिक पेट्स (विदेशी पालतू जानवरों) की बढ़ती मांग इस तरह की तस्करी को बढ़ावा दे रही है। “भले ही खरीदार देखभाल करने की कोशिश करें, ये जानवर अपने प्राकृतिक आवास से दूर जीवित नहीं रह पाते,” एक अधिकारी ने कहा। उन्होंने जनता से ऐसे व्यापार को अस्वीकार करने और तस्करी की घटनाओं की रिपोर्ट करने की अपील की।

इसी दिन एक अलग कार्रवाई में, कस्टम विभाग ने बैंकॉक से आए एक अन्य यात्री को 7.97 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) के साथ पकड़ा। इस नशीले पदार्थ की कीमत काले बाजार में करीब ₹8 करोड़ आंकी गई है। आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम (NDPS Act) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

मुंबई एयरपोर्ट की ये दो कार्रवाइयाँ एक बार फिर दिखाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क न सिर्फ नशीले पदार्थों बल्कि वन्यजीवों की अमानवीय तस्करी में भी सक्रिय हैं। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी ताकि निर्दोष जानवरों को इस क्रूर व्यापार से बचाया जा सके।

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