अज्ञातों द्वारा निपटाए आतंकी हमजा बुरहान के जनाजे में शामिल हुए हिजबुल और अल-बद्र के टॉप आतंकी

सुरक्षा घेरे में हुआ आतंकी का अंतिम संस्कार

अज्ञातों द्वारा निपटाए आतंकी हमजा बुरहान के जनाजे में शामिल हुए हिजबुल और अल-बद्र के टॉप आतंकी

Top Hizbul Mujahideen and Al-Badr terrorists attended the funeral of Hamza Burhan, who was killed by unidentified assailants.

पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड और अल-बद्र आतंकी संगठन से जुड़े हमजा बुरहान के जनाजे में पाकिस्तान स्थित कई वांछित आतंकियों की मौजूदगी सामने आई है। शुक्रवार (22 मई) को इस्लामाबाद में आयोजित अंतिम संस्कार में हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और अल-बद्र का सरगना बख्त जमीन खान समेत कई बड़े आतंकी नज़र आए।

हमजा बुरहान को अरजुमंद गुलजार डार और ‘डॉक्टर’ के नाम से भी जाना जाता था। हमजा बुरहान एक दिन पहले पाकिस्तान द्वारा कब्जाए कश्मीर (पीओके) में अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में घायल हुआ था। बाद में उसकी मौत हो गई। उसे शुक्रवार (22 मई) को इस्लामाबाद में दफनाया गया।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में जनाजे के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी। विशेष रूप से अल-बद्र प्रमुख बख्त जमीन खान के आसपास हथियारबंद आतंकियों का कड़ा सुरक्षा घेरा देखा गया। कई आतंकी एके-47 राइफलों और अन्य आधुनिक हथियारों से लैस थे।

आतंकी के जनाज़े में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के अधिकारियों की मौजूदगी भी देखी गई। हाल के वर्षों में पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों की लगातार हो रही रहस्यमयी हत्याओं के कारण आतंकी समूह ISI द्वारा सुरक्षा को लेकर नाराज़ है

ज्ञात हो की हमजा बुरहान वर्ष 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले का प्रमुख साजिशकर्ता था। इस हमले मेंCRPT  के 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे। वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का निवासी था और बाद में अवैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान चला गया था, जहां उसने अल-बद्र आतंकी संगठन जॉइन किया।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में उसे आतंकवादी घोषित किया था। अधिकारियों के अनुसार, वह जम्मू-कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने, आतंकी भर्ती और संगठन के लिए वित्तीय सहायता जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

बताया जाता है कि हाल के वर्षों में वह पीओके में गुप्त रूप से रह रहा था और एक शिक्षक के रूप में काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, वह मुजफ्फराबाद स्थित एक निजी कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत था।

स्थानीय पुलिस के मुताबिक, गुरुवार (21 मई) सुबह जब वह कॉलेज परिसर से बाहर निकला, तभी अज्ञात हमलावरों ने नजदीक से उस पर गोलियां चला दीं। उसके सिर में कई गोलियां लगीं और गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।

पाकिस्तानी पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

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