पुलिस और केंद्रीय बलों पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने की फायरिंग, 5 जवान घायल

पुलिस और केंद्रीय बलों पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने की फायरिंग, 5 जवान घायल

Trinamool Congress goons opened fire on police and central forces, injuring 5 soldiers.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के महज दो दिन के भीतर ही राज्य में भीषण हिंसा का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार (5 मई)देर रात संदेशखाली में रात की गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर कथित तौर पर TMC के गुंडों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें 5 सुरक्षाकर्मी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह घटना नजत थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरबेरिया अगरहाटी ग्राम पंचायत के बामन घेरी इलाके की है। मंगलवार रात जब पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) की संयुक्त टीम इलाके में गश्त कर रही थी, तभी गुंडों ने उन्हें निशाना बनाया।

हमले में नजत थाना के प्रभारी (OC) भरत पुरकैत, राजबाड़ी चौकी के कर्मी भास्वत गोस्वामी और एक महिला पुलिस अधिकारी को गोलियां लगी हैं। सुरक्षा में तैनात दो CRPF जवान भी गोलीबारी का शिकार हुए हैं। सभी घायलों को पहले मिनाखा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से बेहतर इलाज के लिए उन्हें कोलकाता के सरकारी अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है।

चुनाव बाद भड़की इस हिंसा को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर सहित सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वे निरंतर गश्त जारी रखें। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंसा भड़काने या तोड़फोड़ करने वालों को तत्काल गिरफ्तार किया जाएगा।

बता दें कि संदेशखाली विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा के सनत सरदार ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने टीएमसी की झरना सरदार को 17,510 वोटों के भारी अंतर से हराया। सनत सरदार को 1,07,189 वोट मिले, जबकि टीएमसी उम्मीदवार को 89,679 वोटों पर संतोष करना पड़ा।

राज्य में भाजपा की प्रचंड लहर (207 सीटें) के बावजूद निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हार स्वीकारने से इनकार कर दिया है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। मैं नहीं हारी हूँ। आधिकारिक तौर पर वे हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हम ही विजेता हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लूटा गया है।”

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ‘खलनायक’ करार देते हुए ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी और गिनती के दौरान अपने साथ मारपीट होने जैसे गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। भाजपा ने इन दावों को ‘आधारहीन’ बताते हुए इन्हें एक हारी हुई नेता की हताशा करार दिया है।

2026 के नतीजों ने टीएमसी के को जड़ से हिला दिया है। कैबिनेट के लगभग 63 प्रतिशत सदस्य, जिनमें शिक्षा, उद्योग और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के 22 मंत्री शामिल हैं, अपनी सीटें हार गए हैं। खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा है।

पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार 9 मई को शपथ लेगी। यह दिन विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती का है, जिसे भाजपा ने एक नए और ‘सोनार बांग्ला’ के उदय के रूप में रेखांकित करने के लिए चुना है। फिलहाल, संदेशखाली सहित राज्य के कई हिस्सों में तनाव बना हुआ है और सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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