झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को भी जारी है। 17वें दिन प्रदर्शनकारी विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतरे हैं। पुलिस की आठवीं बैरिकेडिंग तोड़ते हुए छात्र अब विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो को भी एंबुलेंस से विधानसभा गेट पर लाया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्र पहले से जमा हैं।
छात्रों के विधानसभा घेराव मार्च में शामिल देवेंद्रनाथ महतो ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “भूख हड़ताल अभी भी जारी है और आगे भी जारी रहेगी। हम अभी विधानसभा पहुंचेंगे। सरकार को अब जाग जाना चाहिए।”
उन्होंने अपनी बिगड़ती सेहत का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए छात्रों का भविष्य ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा, “मेरी सेहत से ज्यादा जरूरी यहां के छात्रों की सीटें हैं, जिन्हें बेचा जा रहा है। मेरी सेहत बहुत कमजोर है लेकिन हालात और भी दर्दनाक हैं। यहां लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।”
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी मांग है कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की सीबीआई जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
वहीं, विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बैरिकेडिंग के पास पानी की बौछार की गई। इसके बावजूद छात्र पीछे नहीं हटे और नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
इस बीच रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने कहा, “हमने घेराव रोकने की तैयारी नहीं की है। हमने किसी भी हिंसक स्थिति या हंगामा करने की कोशिश होने पर निपटने की तैयारी की है। अगर छात्र शांति से आते हैं, तो पुलिस भी शांति बनाए रखेगी। हमारी टीम भी स्थिति से शांतिपूर्वक निपटेगी।”



