पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री रामाश्रय पांडेय ने जुलाई 2026 के लिए छह कर्मचारियों को महाप्रबंधक के ‘मैन ऑफ द मंथ’ सुरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान मुंबई स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
इन कर्मचारियों को उनकी असाधारण सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। उनकी सजगता और समय पर की गई कार्रवाई से संभावित दुर्घटनाओं को रोकने तथा ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में महत्वपूर्ण मदद मिली। सम्मानित कर्मचारियों में मुंबई सेंट्रल और अहमदाबाद मंडल से दो-दो तथा वडोदरा और भावनगर मंडल से एक-एक कर्मचारी शामिल हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई सेंट्रल मंडल के पुरस्कार विजेताओं में तकनीशियन श्री अब्दुल वहाब शामिल हैं। उन्होंने मालगाड़ी के दो वैगनों के बीच असामान्य रूप से अधिक दूरी देखी। कपलिंग में गंभीर समस्या की आशंका होने पर उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
जांच में दोनों वैगनों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण हिस्से सेंटर बफर कपलर योक पर असामान्य प्रभाव के निशान और उसके टूटे होने की पुष्टि हुई। संबंधित वैगन को तत्काल असुरक्षित घोषित कर सेवा से हटा दिया गया। श्री अब्दुल वहाब की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित दुर्घटना टल गई तथा ट्रेन संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
इसी तरह मुंबई सेंट्रल मंडल के बांद्रा टर्मिनस के मेल लोको पायलट श्री कल्याण सिंह ने भी अपनी सजगता का परिचय दिया। 1 जुलाई 2026 को ट्रेन संख्या 22962 अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन करते समय उन्होंने मरोल और नवसारी स्टेशनों के बीच ट्रेन में असामान्य झटके महसूस किए।
उन्होंने तुरंत ट्रेन रोककर ट्रेन मैनेजर और संबंधित रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद प्रभावित रेलखंड को सावधानीपूर्वक पार कराया गया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी। स्थान की जांच में रेल पटरी असमान पाई गई। इसके बाद सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए तत्काल 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा लागू कर दी गई।
श्री कल्याण सिंह की सूक्ष्म निरीक्षण क्षमता, सही निर्णय लेने की क्षमता और समय पर सूचना देने से संभावित खतरनाक ट्रैक स्थिति का समय रहते पता चल गया और संभावित दुर्घटना को टालने में मदद मिली।
अन्य मंडलों के कर्मचारियों को भी सुरक्षा संबंधी खतरों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने और असाधारण सूझबूझ दिखाने के लिए सम्मानित किया गया। इनमें मालगाड़ी के वैगन से लटक रहे पाइप की सूचना देना, साबरमती कोचिंग टर्मिनल में एक कोच के अंदर आग का पता लगाना, गुजरती ट्रेन में जाम पहिए की पहचान करना तथा रेलवे ट्रैक के पास लगी आग की समय पर सूचना देना शामिल है।
पश्चिम रेलवे ने सभी पुरस्कार विजेता कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता और सुरक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता की सराहना की है। उनकी सतर्कता और तत्पर कार्रवाई ने न केवल संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मदद की, बल्कि सुरक्षित और विश्वसनीय रेल संचालन के प्रति पश्चिम रेलवे की प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया।
इन कर्मचारियों का समर्पण और कार्यशैली रेलवे में व्यावसायिक उत्कृष्टता के उच्च मानकों को दर्शाती है और अन्य रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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