30 C
Mumbai
Tuesday, October 20, 2026
होमदेश दुनियाबोस्टन की सड़कों पर भारतीय नौसैनिकों का कदमताल, बिखेरा तिरंगे का रंग!

बोस्टन की सड़कों पर भारतीय नौसैनिकों का कदमताल, बिखेरा तिरंगे का रंग!

बोस्टन पहुंचा यह पोत दुनिया भर के 20 से अधिक देशों के 60 से ज्यादा विशाल नौकायन पोतों के साथ प्रतिष्ठित ‘सेल बोस्टन 2026’ समारोह में भाग ले रहा है।

Google News Follow
अमेरिका के ऐतिहासिक शहर बोस्टन में भारतीय नौसेना के जवानों ने कदमताल किया है। यहां शहर की मुख्य सड़कों पर भारतीय नौसैनिकों ने परेड की। दरअसल अमेरिका में यह परेड नौकायन पोत आईएनएस सुदर्शिनी द्वारा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं का एक भव्य प्रदर्शन था।

बोस्टन पहुंचा यह पोत दुनिया भर के 20 से अधिक देशों के 60 से ज्यादा विशाल नौकायन पोतों के साथ प्रतिष्ठित ‘सेल बोस्टन 2026’ समारोह में भाग ले रहा है। बोस्टन की ऐतिहासिक सड़कों पर आयोजित क्रू एवं कैडेट सिटी परेड में आईएनएस सुदर्शिनी के चालक दल और प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्ण यह मार्च किया।

भारतीय दल की अनुशासित और आकर्षक प्रस्तुति ने स्थानीय नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों का ध्यान खींचा। परेड के दौरान भारत की समुद्री परंपराओं, नौवहन इतिहास और सांस्कृतिक पहचान की झलक देखने को मिली।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस सहभागिता ने भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग को और मजबूत करने का संदेश दिया। साथ ही यह भी दर्शाया कि समुद्र केवल व्यापार और सुरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि देशों और समाजों को जोड़ने वाला एक सशक्त सेतु भी है। इससे पहले आईएनएस सुदर्शिनी ने न्यूयॉर्क में आयोजित भव्य ‘सेल फोर्थ 250’ समारोह में हिस्सा लेकर हजारों दर्शकों के बीच भारतीय तिरंगे की शान बढ़ाई थी।

न्यूयॉर्क में अपनी सफल उपस्थिति दर्ज कराने के बाद यह पोत बोस्टन पहुंचा। यहां दुनिया के विभिन्न देशों के पारंपरिक नौकायन पोत एक साथ समुद्री विरासत का उत्सव मना रहे हैं।

‘लोकायन 2026’ अभियान के तहत आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका के विभिन्न बंदरगाहों की यात्रा कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समुद्री विरासत, नौवहन परंपराओं और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के संदेश को दुनिया तक पहुंचाना है।

नॉरफॉक से बोस्टन तक की यात्रा के दौरान पोत ने भारतीय संस्कृति, मित्रता और सद्भावना का संदेश भी प्रसारित किया। भारतीय नौसेना का यह ऐतिहासिक नौकायन पोत जहां भी पहुंच रहा है, वहां भारत की समुद्री शक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और वैश्विक साझेदारी की नई कहानी लिख रहा है।

बोस्टन में उसकी मौजूदगी ने एक बार फिर साबित किया कि भारत की समुद्री विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी दुनिया को जोड़ने वाली एक जीवंत शक्ति है। गौरतलब है कि आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का पाल वाला पोत है।

प्राचीन जहाज निर्माण पद्धति पर आधारित इस पोत का उपयोग प्रशिक्षण, समुद्री जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय सद्भावना यात्राओं के लिए किया जा रहा है। वर्तमान में यह पोत लोकायन 2026 वैश्विक समुद्री अभियान पर है। इसके तहत विभिन्न यह अलग-अलग देशों के बंदरगाहों का दौरा कर भारत की समुद्री विरासत, संस्कृति और नौसैनिक परंपराओं का प्रचार-प्रसार कर रहा है।
यह भी पढ़ें-
National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें