एनटीए के अनुसार ये डिजिटल रूप से छेड़छाड़ कर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज हैं। एनटीए ने कहा है कि उसके संज्ञान में यह मामला आया है कि सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यर्थियों की कथित ओएमआर उत्तर-पत्रिकाओं की तस्वीरें साझा कर यह दावा किया जा रहा है कि उनके घोषित परिणाम गलत हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी मामलों की जांच की गई है। हर मामले में रिकॉर्ड पर उपलब्ध वास्तविक दस्तावेज घोषित परिणामों का समर्थन करते हैं।
एनटीए के अनुसार, संबंधित प्रत्येक अभ्यर्थी की वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका उसके पास सुरक्षित रिकॉर्ड में मौजूद है। इस ओएमआर पर सही रोल नंबर, टेस्ट बुकलेट नंबर, उत्तर-पत्रिका का बारकोड और क्रम संख्या, टेस्ट बुकलेट कोड, अभ्यर्थी का नाम और अभिभावक का विवरण अभ्यर्थी की अपनी लिखावट में दर्ज है। इसके अलावा अभ्यर्थी, परीक्षा कक्ष के दोनों निरीक्षकों के हस्ताक्षर और अभ्यर्थी का अंगूठे का निशान भी उस पर मौजूद है।
एजेंसी ने बताया कि यही वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका ओएमआर रिस्पॉन्स की-चैलेंज अवधि के दौरान अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत ई-मेल पते पर भेजी गई थी। उम्मीदवारों को पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई गई थी। एनटीए ने कहा कि संबंधित अभ्यर्थियों को दिए गए अंक उनकी वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका, नीट-यूजी 2026 की आधिकारिक उत्तर-कुंजी तथा रिकॉर्ड पर उपलब्ध मूल्यांकन गणना-पत्रक के अनुरूप हैं। किसी भी मामले में मूल्यांकन संबंधी त्रुटि नहीं पाई गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित तथाकथित ओएमआर वास्तव में अभ्यर्थियों की मूल ओएमआर उत्तर-पत्रिकाओं के साथ डिजिटल छेड़छाड़ करके तैयार किए गए संस्करण हैं।
इसके अलावा ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एनटीए ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि किसी को वास्तविक शिकायत है तो वह 20 जुलाई 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करे। यह सार्वजनिक सूचना एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
एनटीए ने अवनीश श्रीवास्तव की नीट-यूजी 2026 ओएमआर उत्तर-पत्रिका को लेकर किए जा रहे दावों पर स्पष्टीकरण भी दिया है। एनटीए ने कहा है कि उसने इस मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड का सत्यापन कर लिया है। एजेंसी के अनुसार, अभ्यर्थी की वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित है।
एनटीए ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही तस्वीर एनटीए द्वारा जारी की गई ओएमआर उत्तर-पत्रिका नहीं है। एजेंसी के अनुसार, उस तस्वीर में जिस पहचान को दर्शाया गया है, उसमें अजीत सिंह, पिता लखन सिंह तथा माता रीना सिंह का उल्लेख किया गया है।
एनटीए ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक रिकॉर्ड और एजेंसी द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा भ्रामक और अप्रमाणित सामग्री के प्रसार से बचें। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि अवनीश श्रीवास्तव के मामले की तरह ही नीट-यूजी 2026 की ओएमआर उत्तर-पत्रिका और परिणाम को लेकर किए गए दावों पर अभ्यर्थी प्रतिभा त्रिवेदी, अभय यादव तथा लक्ष्य सिंह के मामलों की भी जांच की गई है।
एजेंसी के अनुसार, इन सभी अभ्यर्थियों की वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिकाएं उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित हैं और ओएमआर रिस्पॉन्स की-चैलेंज अवधि के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत ई-मेल पते पर उपलब्ध कराई गई थीं।
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