गांधी मैदान और डाकबंगला चौराहे के आसपास प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी इन बाधाओं को पार करते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पानी की बौछार शुरू कर दी। वाटर कैनन के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र मौके पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्र तिरंगा लेकर सड़क पर नारे लगाते और डांस करते नजर आए। छात्रों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार तथा बिहार लोक सेवा आयोग को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ के पीछे नहीं हटने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि छात्र अपना अधिकार मांग रहे हैं, किसी से भीख नहीं मांग रहे।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी समय पर काम करती है, लेकिन छात्रों की परीक्षाओं के मामले में लगातार देरी और अव्यवस्था देखने को मिलती है। उन्होंने वाटर कैनन और बैरिकेडिंग पर भी सवाल उठाए।
छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग टीआरई-4 की एकल परीक्षा कराने से जुड़ी है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मंगलवार को पटना की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन के कारण कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ और पुलिस-प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।



