अभ्यास के दौरान आतंकवादी गतिविधियों की स्थिति से निपटने के लिए कई तरह के अभियान किए जाएंगे। इनमें छापेमारी, खोज और विनाश अभियान, घेराबंदी और तलाशी अभियान शामिल हैं। सैन्य अभ्यास ‘कजिंद-2026’ का मुख्य फोकस संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान है।
सैनिक मिलकर अभियान की योजना बनाएंगे और उसे जमीन पर लागू करेंगे। वहीं हवाई आवागमन पर भी खास ध्यान रहेगा। यह अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। यह कजिंद अभ्यास का नौवां संस्करण है।
इस दौरान मानवरहित हवाई प्रणालियों और उनके हमले रोकने वाली प्रणालियों का भी एकीकृत इस्तेमाल किया जाएगा। इससे दोनों सेनाओं को आधुनिक तकनीक के साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों में तालमेल बढ़ाने का अवसर मिलेगा। दोनों देशों के सैनिक यहां हेलीपैड और उतरने वाले स्थानों को सुरक्षित करने का अभ्यास भी करेंगे।
इसके अलावा, विशेष हेलीकॉप्टर आधारित अभियान भी किए जाएंगे। अभ्यास के दौरान एक संयुक्त कमान चौकी और खुफिया एवं निगरानी केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। यहां दोनों देशों के सैनिक मिलकर जानकारी का विश्लेषण करेंगे और अभियानों की योजना बनाएंगे।
कजिंद-2026 दोनों सेनाओं को एक-दूसरे के अभियान अनुभव से सीखने का मौका देगा। साथ ही दोनों देशों के सैनिकों के बीच विश्वास, पेशेवर तालमेल और आपसी सहयोग को और मजबूत करेगा। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अभ्यास भारत और कजाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सामूहिक सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगा।



