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Thursday, July 23, 2026
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विक्रम-1 मिशन भारत के मजबूत स्पेस इकोसिस्टम की ताकत दर्शाता: इसरो प्रमुख!

डॉ. नारायणन ने कहा कि कंपनी की स्थापना के केवल 8 वर्षों के भीतर ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विकसित करना और पहले ही प्रयास में मिशन को सफल बनाना एक असाधारण उपलब्धि है।

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इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने शनिवार को कहा कि स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 की पहली सफल ऑर्बिटल लॉन्चिंग भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्पेस इकोसिस्टम की बड़ी उपलब्धि है और यह देश के निजी स्पेस सेक्टर की तेज प्रगति को दर्शाती है।

सफल ऑर्बिटल मिशन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. नारायणन ने कहा कि कंपनी की स्थापना के केवल 8 वर्षों के भीतर ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विकसित करना और पहले ही प्रयास में मिशन को सफल बनाना एक असाधारण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा, “स्काईरूट एयरोस्पेस की शुरुआत केवल 8 साल पहले हुई थी। इतने कम समय में ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विकसित करना और पहले ही प्रयास में मिशन को सफल बनाना वास्तव में बहुत बड़ी उपलब्धि है।”

इसरो चेयरमैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का स्पेस इकोसिस्टम तेजी से विकसित हुआ है। राष्ट्रीय स्पेस प्रोग्राम के साथ-साथ अब निजी कंपनियां भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा, “यह पूरे देश, खासकर अंतरिक्ष समुदाय के लिए अत्यंत संतोष और गर्व का क्षण है। हमें इस शानदार उपलब्धि पर गर्व है। आप सभी इस बात से सहमत होंगे कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का स्पेस इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है।”

इस अवसर पर इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) के चेयरमैन पवन गोयनका ने भी सफल लॉन्चिंग को किसी दूसरे देश की उपलब्धि से तुलना करने के बजाय “भारत का अपना ऐतिहासिक पल” बताया।

उन्होंने कहा, “लोग पूछते हैं कि भारत का पहला स्पेसएक्स जैसा पल कब आएगा। मैं इसे स्पेसएक्स मोमेंट नहीं कहना चाहता, क्योंकि आज जो हुआ उसकी तुलना किसी दूसरी कंपनी या किसी दूसरे देश की उपलब्धि से नहीं की जानी चाहिए। आज हमने भारत का अपना ऐतिहासिक पल देखा है।”

इससे पहले दिन में पवन गोयनका ने औपचारिक रूप से भारत के पहले निजी ऑर्बिटल लॉन्च की सफलता की घोषणा करते हुए कहा कि मिशन ने अपने मूल लक्ष्य से भी बेहतर प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा, “मुझे यह औपचारिक घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत के निजी क्षेत्र का पहला ऑर्बिटल लॉन्च सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। विक्रम-1 ने केवल अपने मिशन लक्ष्य को ही पूरा नहीं किया, बल्कि लॉन्च टावर से उड़ान भरने के बाद सीधे 453 किलोमीटर ऊंची ऑर्बिट तक पहुंच गया।”

हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के फर्स्ट लॉन्च पैड से ‘मिशन आगमन’ के तहत विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण किया।

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