बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 15 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ किए गए हमलों की जिम्मेदारी ली है। इस दौरान 42 सैनिकों के मारे जाने, कई के घायल होने और एक सैनिक को पकड़ने का दावा किया गया है।
BLA के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने बयान जारी कर बताया कि संगठन के लड़ाकों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आईईडी (Improvised Explosive Device) के जरिए सीधे हमले, घात लगाकर हमले, छापेमारी और ड्रोन हमले किए। इन कार्रवाइयों के दौरान कुछ इलाकों में हथियारों का जखीरा जब्त करने और कुछ जगहों पर पाकिस्तानी चौकियों पर अस्थायी कब्जा करने का भी दावा किया गया है।
हमलों की समयरेखा बताते हुए कहा गया कि कलात में विस्फोटक निष्क्रिय करने की कोशिश के दौरान पाकिस्तानी बलों पर हमला किया गया। वहीं दलबंदिन में पुलिस स्टेशन और विश्राम गृहों पर कुछ समय के लिए कब्जा कर सामग्री और वाहनों को आग के हवाले किया गया। 24 अप्रैल को बीएलए ने प्रांतीय राजधानी क्वेटा के पास एक पेट्रोलियम और गैस कंपनी से जुड़े ठिकाने पर कब्जा कर मशीनरी और वाहनों को नष्ट करने का दावा किया। सुराब में आईईडी हमले के बाद घात लगाकर हमला किया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ। 19 अप्रैल को सैन्य काफिलों और चेकपोस्टों पर कई हमले किए गए, जिनमें कई जवानों के मारे जाने और घायल होने का दावा है।
इससे पहले 18 अप्रैल को हरनाई जिले के शाहराग इलाके में मुठभेड़ के दौरान एक पाकिस्तानी सैनिक को जिंदा पकड़ने का दावा किया गया। इसके अलावा झाल मगसी में एक लेवी पोस्ट पर कब्जा कर कई हथियार जब्त करने की बात भी कही गई। 15 अप्रैल को सोहंदा इलाके में आगे बढ़ रही पाकिस्तानी सेना पर रिमोट कंट्रोल आईईडी से हमला कर घात लगाकर कई सैनिकों को मारने का दावा किया गया।
इस बीच, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने भी बलूचिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हमले करने का दावा किया है। इनमें सैन्य काफिले पर आईईडी हमला, पुलिस स्टेशन पर हमला और सैन्य मुख्यालय को निशाना बनाने की घटनाएं शामिल हैं। इन हमलों में दो सैनिकों के मारे जाने और दो के गंभीर रूप से घायल होने की बात कही गई है। बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने मीडिया को बताया कि 25 अप्रैल को खुजदार के जवाह इलाके में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमला किया गया, जिसमें दो छावनियों के बीच से गुजरते समय वाहन पर आईईडी विस्फोट किया गया।
24 अप्रैल को हुई एक अन्य घटना में नोशकी मॉल इलाके के पुलिस स्टेशन में घुसकर कुछ समय के लिए कब्जा कर लिया गया और संचार उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया। चेतावनी के बावजूद विरोध करने पर एक पुलिस अधिकारी के घायल होने का दावा भी किया गया।
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