कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के बर्नाबी शहर में भारतीय मूल के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस को आशंका है कि यह हत्या लोअर मेनलैंड क्षेत्र में चल रहे गैंगवार से जुड़ी हुई है। जांचकर्ताओं ने इस घटना को एक लक्षित हमला बताया है, जिसका संबंध प्रांत में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों के बीच चल रहे टकराव से है।
कनाडाई पुलिस के अनुसार, 22 जनवरी को हुई इस गोलीबारी में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि यह एक टार्गेटेड शूटिंग थी और इसके पीछे ब्रिटिश कोलंबिया में जारी गैंग संघर्ष की स्पष्ट कड़ी दिखाई दे रही है।
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने बताया कि गोलीबारी स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब 5:30 बजे से पहले कनाडा वे के 3700 ब्लॉक के पास हुई। सार्वजनिक स्थान पर गोलियों की आवाज़ की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक युवक को गंभीर हालत में पाया गया, जिसे कई गोलियां लगी थीं। पुलिस और आपात सेवाओं द्वारा जीवन रक्षक प्रयास किए गए, लेकिन उसे घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया।
मृतक की पहचान वैंकूवर निवासी 28 वर्षीय दिलराज सिंह गिल के रूप में की गई है। इंटीग्रेटेड होमिसाइड इन्वेस्टिगेशन टीम (IHIT) ने कहा कि यह हमला सुनियोजित और लक्षित था तथा इसका संबंध प्रांत में चल रहे गैंगवार से प्रतीत होता है। जांच के दौरान घटनास्थल के पास एक वाहन भी जला हुआ मिला है, जिसके बारे में पुलिस का मानना है कि अपराध में इसका इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वारदात के बाद फरार होने के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन को आग के हवाले करना ब्रिटिश कोलंबिया में संगठित गिरोहों की हिंसा से जुड़ी एक आम रणनीति मानी जाती है।
IHIT की प्रवक्ता सार्जेंट फ्रेडा फोंग ने कहा, “सार्वजनिक स्थान पर हुई गोलीबारी बेहद चिंताजनक है, न केवल पुलिस के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए और उन्होंने गवाहों तथा किसी भी तरह की जानकारी रखने वाले लोगों से आगे आने की अपील की।”
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दिलराज सिंह गिल की हत्या का संबंध इसी महीने एबट्सफोर्ड में मारे गए एक अन्य 28 वर्षीय इंडो-कैनेडियन युवक नवप्रीत धालीवाल की हत्या से हो सकता है। धालीवाल को भी दिनदहाड़े गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया था।
बताया जा रहा है कि नवप्रीत धालीवाल कथित तौर पर ‘ब्रदर्स कीपर्स’ गैंग से जुड़ा हुआ था, जिसे ‘यूएन गैंग’ का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि दिलराज सिंह गिल के कथित तौर पर यूएन गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
वैंकूवर सन की रिपोर्ट के अनुसार, दिलराज सिंह गिल के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें 2021 के ड्रग से जुड़े आरोप और 2016 से जुड़े अन्य अपराध शामिल बताए गए हैं। वहीं, नवप्रीत धालीवाल का भी आपराधिक इतिहास था और कथित तौर पर वह अपनी मौत के समय जमानत पर बाहर था।
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