अनु अग्रवाल ने पोस्ट में अपनी एक फोटो शेयर की, जिसमें वह ऑफ वाइट सिंपल साड़ी में नजर आ रही है। इस पोस्ट के साथ उन्होंने बताया कि उनके हमेशा यह सवाल बहुत अहम रहा कि जो लोग थिएटर में मेरी फिल्म देखने आते हैं, क्या उन्हें उसके बदले में कुछ अच्छा मिल रहा है या नहीं।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ”एक बात जो मुझे एक कलाकार के तौर पर परेशान करती थी, वह यह कि लोग मेरी फिल्म देखने के लिए पैसे देते हैं। यह बात भले ही सुनने में आम लगे, लेकिन मैं इसके बारे में लगातार सोचती रहती थी।
उन्होंने आगे लिखा, ”यही सोच मेरे फिल्म चुनने के तरीके को बदल देती थी। सिर्फ किसी फिल्म का सफल होना काफी नहीं होता, बल्कि यह भी जरूरी होता है कि वह फिल्म दर्शकों के लायक है या नहीं। मेरे पास कई कहानियां ऐसी आई, जो दर्शकों के लिए सही नहीं थी, जिसके कारण मैंने वो फिल्में ठुकरा दी।”
अनु अग्रवाल ने कहा, ”यह सिर्फ टाइपकास्ट होने या सही किरदार चुनने की बात नहीं थी। मैं थिएटर में बैठे लोगों के प्रति जिम्मेदारी महसूस करती थी। दर्शकों ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मेरे लिए सबसे कम, जो मैं कर सकती थी, वह था उनके समय, ध्यान और भरोसे का सम्मान करना।”
उन्होंने कहा, ”यही सोच मेरे करियर की पहचान थी और इसी कारण मैंने कई फिल्मों से दूरी बनाई।”
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