अहमदाबाद में लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 की दुर्घटना के तीन दिन बाद अब तक 270 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। दुर्घटना के बाद लगातार राहत व पहचान कार्य जारी है। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजनीश पटेल ने बताया कि 32 शवों के डीएनए का सफल मिलान हो गया है, जिनमें से 14 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं।
शवों की पहचान और परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी: अधिकारियों ने बताया कि बाकी शवों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण जारी है। डॉ. पटेल ने यह भी बताया कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के संबंध में डीएनए मिलान की प्रक्रिया अभी चल रही है।
ब्लैक बॉक्स बरामद, हादसे की जांच तेज: नगर आयुक्त बंछा निधि पाणि ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स पहली इमारत के पीछे के हिस्से में फंसा हुआ मिला, जो दुर्घटना में सुरक्षित बच गया था। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम ने नगर निगम से क्रेन, मजदूर और इंजीनियरों की सहायता मांगी, जिसके बाद ब्लैक बॉक्स को सफलतापूर्वक निकाला गया।
दृश्य कैद करने वाले आर्यन की आपबीती: आर्यन असारी, जिसने दुर्घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था, ने बताया, “मैंने विमान को बहुत पास से आते देखा और सोचा कि इसका वीडियो बना लूं। विमान अचानक नीचे चला गया और फिर धमाका हुआ। मैं डर गया और अपनी बहन व पिता को वीडियो दिखाया।”
विमानन विशेषज्ञों और प्रशासन की प्रतिक्रिया: विमानन विशेषज्ञ सुभाष गोयल ने कहा कि हवाई यात्रा को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “सड़क हादसों की तुलना में हवाई दुर्घटनाएं बहुत कम होती हैं। पायलट और चालक दल कभी भी किसी संदेहास्पद विमान में सवार नहीं होते।” उन्होंने यह भी बताया कि यह विमान पहले पेरिस से दिल्ली आया था, और जांच के बाद अहमदाबाद भेजा गया था।
पीड़ित परिवारों की मार्मिक व्यथा: हीर प्रजापति के पिता ने कहा, “जितना हम अपने परिवार के लिए चिंतित हैं, सरकार भी उतनी ही मदद कर रही है। दुख को शब्दों में बयान करना मुश्किल है।”
लॉरेंस डैनियल क्रिश्चियन, जो लंदन में रहते थे, अपने पिता के निधन के बाद छुट्टी पर भारत आए थे और वापसी में हादसे का शिकार हो गए। उनकी मां रवीना ने कहा, “वह लंदन लौट रहे थे… और अब लौटकर नहीं आए।”
जयाबेन गज्जर के परिजन नेहा गज्जर ने कहा, “हमारा परिवार पूरी तरह टूट चुका है। जैसे ही डीएनए मैच हुआ, सरकार ने हमें फोन किया और मौसी का शव सौंप दिया।”
DGCA ने ड्रीमलाइनर विमानों की अतिरिक्त जांच के आदेश दिए: दुर्घटना के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एअर इंडिया के बोइंग 787-8 और 787-9 विमानों की विशेष सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। एयरलाइन ने बताया कि 33 ड्रीमलाइनर विमानों में से 9 का निरीक्षण पूरा कर लिया गया है और बाकी 24 विमानों की जांच समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी।
एकमात्र जीवित बचे यात्री की पहचान और चमत्कारी बचाव: इस हादसे में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वाश कुमार रमेश अकेले जीवित बचे यात्री हैं। वे घायल हैं और अस्पताल में इलाजरत हैं। विमानन सलाहकार गुरमुख सिंह बावा ने कहा, “इस तरह की तबाही में किसी एक व्यक्ति का भी जीवित बचना त्रासदी के भीतर चमत्कार है। अधिकारियों की तत्परता और राहत कार्यों की सराहना की जानी चाहिए।”
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