अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए आयात शुल्कों की वसूली मंगलवार (24 फरवरी)से बंद कर दी जाएगी। यह फैसला अमेरिकी सर्वोच्च न्यायलाय के आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें इन टैरिफ्स को अवैध ठहराया गया था। अदालत के फैसले के बाद अमेरिकी प्रशासन को विवादित व्यापारिक प्रावधानों को वापस लेना पड़ा है, जिनके कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंधों पर असर पड़ा था।
अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत वसूले जा रहे टैरिफ 12:01 बजे (स्थानीय अमेरिकी समय) यानी भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे से बंद कर दिए जाएंगे। एजेंसी ने आयातकों को निर्देश दिया है कि उसके कार्गो सिस्टम में इन टैरिफ से जुड़े सभी कोड निष्क्रिय कर दिए जाएंगे।
अदालत के फैसले के तीन दिन से अधिक समय बाद यह कदम उठाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा था कि आपातकालीन शक्तियों के आधार पर लगाए गए ये शुल्क कानूनी कसौटी पर खरे नहीं उतरते। इसके साथ ही इन शुल्कों की वैधता पर लंबे समय से चल रही कानूनी बहस का अंत हो गया।
ट्रंप प्रशासन के दौरान लगाए गए ये टैरिफ अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति का एक अहम हिस्सा थे। इनका उद्देश्य अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करना और घरेलू उद्योगों को संरक्षण देना बताया गया था। हालांकि, आलोचकों का कहना था कि इन शुल्कों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित किया और कई देशों के साथ व्यापारिक तनाव को बढ़ाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्कों की समाप्ति से अंतरराष्ट्रीय व्यापार वातावरण में कुछ स्थिरता आ सकती है। साथ ही, आयातकों और निर्यातकों को लागत के मामले में राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेक्शन 232 और सेक्शन 301 की ओर रुख कर रहें है।
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