23 C
Mumbai
Friday, January 2, 2026
होमदेश दुनियाअंगोला में चीन विरोधी हिंसक प्रदर्शन, हजारों चीनी नागरिक देश छोड़ भागे

अंगोला में चीन विरोधी हिंसक प्रदर्शन, हजारों चीनी नागरिक देश छोड़ भागे

Google News Follow

Related

अफ्रीकी देश अंगोला इन दिनों गंभीर अशांति से जूझ रहा है। ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ टैक्सी चालकों द्वारा शुरू हुआ स्थानीय विरोध आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है और अब यह चीन विरोधी प्रदर्शनों में बदल गया है। डेली मॉनिटर की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हिंसा ने देश की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति को हिला कर रख दिया है।

रिपोर्ट बताती है कि अशांति के दौरान 90 से अधिक खुदरा दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया, जिनमें सात प्रमुख चीनी दुकानों और चीनी ब्रांड की 72 बिक्री इकाइयों पर हमला शामिल है। कई चीनी फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि दुकानदार अपनी दुकानों के अंदर खुद को बंद कर रहे थे, जबकि बाहर भीड़ लूटपाट और तोड़फोड़ कर रही थी।

इस हिंसा में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है और 1,200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालात इतने बिगड़े कि हजारों चीनी नागरिक सुरक्षा कारणों से देश छोड़कर भागने लगे। एयरपोर्ट पर भारी भीड़ उमड़ी और चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन चेतावनियां जारी कीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह विरोध केवल महंगाई और ईंधन कीमतों से जुड़ा नहीं है, बल्कि चीन की अंगोला में बढ़ती भूमिका के खिलाफ गहरी नाराजगी भी है। चीनी निवेश ने बुनियादी ढांचे, खुदरा व्यापार और विनिर्माण तक कई क्षेत्रों पर पकड़ बना ली है, जिससे स्थानीय लोग असंतोष में हैं। उनका आरोप है कि इन निवेशों से असमानता और बेरोजगारी की समस्याएं और बढ़ गई हैं। ईकोडिमा (अंगोला वाणिज्य संघ) के अनुसार, चीनी कारोबार को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कारखानों को बंद करना पड़ा और कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से पलायन करना पड़ा।

राष्ट्रपति जोआओ लोरेन्सो की सरकार इस संकट से निपटने में कठिनाई का सामना कर रही है। सरकार ने हिंसा की निंदा की है, लेकिन साथ ही ईंधन मूल्य वृद्धि और आम जनता की परेशानियों के प्रति उसकी उदासीनता की आलोचना भी हो रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार की विफलता, खासकर सस्ती परिवहन व्यवस्था और मूलभूत सेवाएं मुहैया न करा पाने के कारण ही यह असंतोष व्यापक रूप ले चुका है।

यह भी पढ़ें:

“लालटेन राज में बिहार लाल आतंक से जकड़ा था”

गया रैली में पीएम मोदी ने ‘सूद समेत’ लौटाई तारीफ!

सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के ‘वोट चोरी अभियान’ के खिलाफ जनहित याचिका!

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे गिरफ्तार!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,531फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
285,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें