36 C
Mumbai
Friday, March 27, 2026
होमदेश दुनियामीठा खाने से है परहेज? जानिए कितना जरूरी है इसका सही मात्रा...

मीठा खाने से है परहेज? जानिए कितना जरूरी है इसका सही मात्रा में सेवन!

फिटनेस और हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ने के कारण लोग मीठे से दूरी बनाने लगे हैं। ‘नो शुगर’ या ‘लो शुगर’ डाइट का चलन भी तेजी से बढ़ा है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार मीठा पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है।

Google News Follow

Related

आज के दौर में ‘नो शुगर’ और ‘लो सोडियम’ डाइट का ट्रेंड बढ़ गया है, लेकिन सच यह है कि मीठा और नमक दोनों ही शरीर के लिए जरूरी हैं। बस इनका सेवन संतुलित मात्रा में होना चाहिए।

आजकल फिटनेस और हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ने के कारण लोग मीठे से दूरी बनाने लगे हैं। ‘नो शुगर’ या ‘लो शुगर’ डाइट का चलन भी तेजी से बढ़ा है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार मीठा पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है। शरीर के संतुलन और ऊर्जा के लिए मीठे का सीमित मात्रा में सेवन जरूरी माना गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुवेद के मुताबिक मीठा शरीर के लिए कितना जरूरी है और मीठे का सेवन कब और कितना चाहिए?

समय पर लिया गया कोई भी आहार शरीर के लिए दवा की तरह काम करता है। भोजन से लेकर पानी तक का समय होता है और जब सभी चीजें प्रकृति के अनुसार की जाएं तो पूरा शरीर संतुलित रहता है। उसी तरह, मीठा भी अगर समय और सही तरीके से खाया जाए तो यह शरीर को ताकत देता है, मन को खुश रखता है और पाचन को बेहतर बनाता है, लेकिन ज्यादा मीठा या गलत समय पर मीठा खाने से मोटापा, आलस और कई बीमारियां भी हो सकती हैं।

मीठा हमारे शरीर में तुरंत ऊर्जा कारण बनता है और पेट भरा रहता है। मीठा खाने से भूख की तृप्ति होती है। अक्सर खाने के बाद लोगों को मीठा खाने की तलब लगती है, लेकिन आयुर्वेद की मानें तो मीठा, खाने से पहले खाना चाहिए।

अगर मीठा खाने का मन करता है तो घर पर बने हलवे, या गुड़ या खजूर से बनी मिठाई का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, प्रकृति से मिले मीठे फलों का सेवन भी किया जा सकता है।

मीठे की तलब को शांत करने के लिए आइसक्रीम या डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ के सेवन से बचें। ये रक्त में शर्करा की मात्रा को तेजी से बढ़ाते हैं और मधुमेह के रोगियों के लिए यह खतरा हो सकता है।

इसके साथ ही खाना खाने के बाद मीठा खाने से बचें क्योंकि यह कफ दोष को बढ़ाता है। ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि प्रकृति मीठे फल और घर पर बने मीठे पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करें। मीठे की अधिकता, बढ़ते वजन, सूजन, मधुमेह, आलस और कफ से जुड़ी परेशानियों का कारक हो सकती है।

यह भी पढ़ें-

अमेरिका-इजरायल हमलों के बीच हूती की एंट्री, ईरानी मीडिया का दावा!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,962फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
300,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें