आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का प्राचीन भारतीय विज्ञान है। व्यस्त जीवनशैली, काम का दबाव और तनाव की वजह से आजकल लोग अक्सर हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में योग विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नियमित रूप से बद्ध कोणासन का अभ्यास करें, जो बेहद फायदेमंद है।
बद्ध कोणासन को ‘बाउंड एंगल पोज’ भी कहा जाता है। यह आसानी से किए जाने वाला प्रभावी आसन है। इसे करने के लिए जमीन पर सीधे बैठ जाएं, दोनों पैरों की एड़ियों को आपस में मिलाएं और घुटनों को बाहर की तरफ खोल लें। दोनों हाथों से पैरों की उंगलियों को पकड़ें और सीधे बैठकर गहरी सांस लें। इस आसन में कुछ देर रहने से शरीर की निचली हिस्से की मांसपेशियां एक्टिव होती हैं, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में जमा तनाव धीरे-धीरे कम होता है।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि बद्ध कोणासन पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है। इससे दिल की धड़कन सामान्य रहती है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है और मन को गहरी शांति मिलती है। गहरी सांस लेते हुए इस आसन का अभ्यास करने से पूरे दिन की थकान और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। मूड अच्छा रहता है और तनाव का स्तर काफी कम हो जाता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि योग को रोजाना सिर्फ 15 मिनट भी शामिल करने से व्यक्ति ऊर्जावान और सकारात्मक महसूस करता है। यह आसन खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो लंबे समय से हाइपरटेंशन की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि, किसी भी नए आसन को शुरू करने से पहले योग प्रशिक्षक से सलाह जरूर लें।
मंत्रालय ने सभी नागरिकों, खासकर युवाओं, मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्गों से अनुरोध किया है कि वे इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को यादगार बनाएं और योग को जीवन का अंग बना लें।
