बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) में चुनावी अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश सरकार ने संकेत दिया है कि किसी भी बड़े फैसले से पहलेअंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को पूरी जानकारी दी जाएगी।
बांग्लादेश के युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद एक अंतर-मंत्रालयी बैठक बुलाई गई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि “एक बार जब हम ICC को जांच रिपोर्ट के बारे में फॉर्मल तौर पर बता देंगे, तो हम अपना अगला फैसला लेंगे।”
दरअसल, BCB के पिछले चुनावों में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट रविवार को सरकार को सौंप दी। रिपोर्ट में BCB के संविधान में संशोधन कर “फ्री एंड फेयर इलेक्शन” कराने की सिफारिश की गई है।
दरअसल जांच इसीलिए शुरू हुई थी जब बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इक़बाल ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि ढाका के 76 में से 50 क्लब इस मांग का समर्थन कर रहे हैं।
जांच समिति का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश AKM असदुज्जमान ने किया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संरचनात्मक बदलाव की जरूरत बताई है।
इधर, BCB के भीतर भी अस्थिरता बढ़ती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा बोर्ड के भंग होने की संभावना के बीच कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि वर्तमान बोर्ड को भंग कर 11 सदस्यीय एक एड-हॉक समिति बनाई जा सकती है, जो अगले चुनाव तक अंतरिम रूप से काम करेगी।
बांग्लादेश सरकार का यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि ICC आमतौर पर क्रिकेट बोर्ड्स में सरकारी हस्तक्षेप को लेकर सख्त रुख अपनाता है। ऐसे में बांग्लादेश पहले ICC को विश्वास में लेकर ही आगे बढ़ना चाहता है, ताकि किसी संभावित कार्रवाई या प्रतिबंध से बचा जा सके।
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