बांग्लादेश अपनी मिलिट्री कैपेबिलिटी बढ़ाने की दिशा में एक और कदम बढ़ा रहा है। तुर्की के साथ मिलकर बोगुरा में ड्रोन बनाने की फैक्ट्री लगाने का प्लान सामने आया है। बोगुरा, सिलीगुड़ी कॉरिडोर से करीब 100 से 200 किलोमीटर दूर है। बांग्लादेश के राज्य मंत्री मीर शाहे आलम ने बताया, तुर्की के साथ जॉइंट वेंचर के तहत ड्रोन बनाने की फैक्ट्री लगाई जाएगी। शुरुआत में, तुर्की की मदद से बांग्लादेश में ड्रोन के अलग-अलग पार्ट्स बनाने का प्लान है। इसके बाद, कहा जा रहा है कि इसका मकसद टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग के ज़रिए बड़े साइज़ के मिलिट्री ड्रोन बनाने की कैपेसिटी डेवलप करना है।
दावा किया गया है कि इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 25,000 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया जाएगा। यह भी कहा जा रहा है कि भविष्य में इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों को ड्रोन एक्सपोर्ट करने का प्लान है। हालांकि, इस इन्वेस्टमेंट अमाउंट और एक्सपोर्ट प्लान के बारे में सरकार की तरफ से कोई साफ कन्फर्मेशन नहीं है। इसलिए, इसे अभी के लिए खबरों में आया एक अंदाज़ा या दावा ही मानना सही होगा।
बांग्लादेश पहले से ही तुर्की के बायरकटर TB-2 ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। कहा जाता है कि बांग्लादेश के बेड़े में 12 TB-2 ड्रोन हैं। कुछ ड्रोन 2023 से चालू होने की खबर है। बांग्लादेश ने तुर्की के रॉकेटसन से TRG-300 कपलान गाइडेड रॉकेट सिस्टम भी खरीदा है।
बोगुरा में ड्रोन बनाने का प्लांट लगाने से बांग्लादेश की डिफेंस स्ट्रैटेजी सिर्फ विदेश से हथियार खरीदने तक ही सीमित नहीं रहेगी। यह ड्रोन के पार्ट्स बनाने और आखिरकार ड्रोन सिस्टम को लोकल लेवल पर पूरा करने की कैपेसिटी डेवलप करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। बोगुरा बांग्लादेश के उत्तरी हिस्से में है। प्रस्तावित ड्रोन बनाने का प्लांट एक एयर फ़ोर्स बेस और एक एयरपोर्ट के पास बनाया जाएगा जिसे मॉडर्न बनाया जा रहा है।
बांग्लादेश के एक राज्य मंत्री ने जुलाई 2026 में कहा था कि तुर्की के साथ मिलकर बोगुरा एयर बेस के पास एक जॉइंट ड्रोन बनाने का प्लांट लगाया जाएगा। उसी इलाके में एक नया एयर फ़ोर्स बेस बनाने और एयरपोर्ट की सुविधाओं को मॉडर्न बनाने की भी योजना है।
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