वेनेजुएला में अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर वैश्विक स्तर पर हलचल के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीयर स्टारमर ने लंदन की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस अभियान में ब्रिटेन की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को तेज़ी से बदलती स्थिति बताते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों को स्थापित करना ज़रूरी है।
अमेरिकी सैन्य अभियान, जिसमें हवाई हमले और वेनेजुएला की राजधानी से राष्ट्रपति मादुरो तथा उनकी पत्नी को बाहर ले जाने की कार्रवाई शामिल बताई जा रही है, ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है। हालांकि, ब्रिटेन में प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री स्टारमर ने साफ कहा कि उनका देश इस घटनाक्रम में किसी भी तरह से शामिल नहीं था।
लंदन में पत्रकारों से बात करते हुए स्टारमर ने कहा, “मैं जो कह सकता हूं, वह यह है कि इस ऑपरेशन में ब्रिटेन किसी भी तरह से शामिल नहीं था।” उन्होंने यह भी बताया कि ब्रिटिश सरकार की प्राथमिकता वेनेजुएला में मौजूद लगभग 500 ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा है और इस दिशा में यूके दूतावास के साथ लगातार संपर्क में है।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर बात नहीं की है। उन्होंने कहा, “मैं पहले तथ्यों को स्थापित करना चाहता हूं। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से बात करना चाहता हूं। मैं सहयोगी देशों से भी बात करना चाहता हूं।” स्टारमर के अनुसार, पूरी स्थिति को समझे बिना किसी तरह की ठोस प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा।
अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों पर जोर देते हुए ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं हमेशा कहता हूं और मानता हूं कि हम सभी को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए।” दौरान अमेरिका की कार्रवाई को लेकर कई देशों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं।
स्टारमर का संतुलित और सतर्क रुख ब्रिटेन के अन्य राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाओं से अलग नजर आया। लिबरल डेमोक्रेट पार्टी के नेता सर एड डेवी ने प्रधानमंत्री से अमेरिका की कार्रवाई की निंदा करने की मांग की। उन्होंने इसे “ट्रंप की वेनेजुएला में अवैध कार्रवाई” करार देते हुए चेतावनी दी कि इस तरह के कदम अन्य वैश्विक नेताओं को भी अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।
वहीं, रिफॉर्म यूके पार्टी के नेता निगेल फ़ैराज ने अमेरिकी कदम को “अपरंपरागत और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ” बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इससे चीन और रूस जैसी वैश्विक शक्तियां भविष्य में ऐसे कदम उठाने से पहले सोचने को मजबूर हो सकती हैं।
कुल मिलाकर, मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई बहस छेड़ दी है। ब्रिटेन ने फिलहाल दूरी बनाए रखते हुए तथ्यों की जांच, सहयोगियों से परामर्श और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर ज़ोर देने की नीति अपनाई है।
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