हरियाणा की एकीकृत आपातकालीन सेवा हरियाणा 112–ईआरएसएस ने वर्ष 2025 में सुरक्षा और राहत सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 12 जुलाई 2021 को शुरू की गई इस सेवा ने बीते चार वर्षों में अपनी पहुंच, प्रभावशीलता और विश्वसनीयता को लगातार मजबूत किया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक हरियाणा 112 पर कुल 2.75 करोड़ से अधिक कॉल दर्ज की गईं, जो यह दर्शाता है कि आपात स्थिति में नागरिकों का भरोसा तेजी से इस हेल्पलाइन पर बढ़ा है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने इसे आपातकालीन सेवाओं के इतिहास में एक नया अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि औसत रिस्पॉन्स टाइम को 16 मिनट 14 सेकंड से घटाकर 9 मिनट 33 सेकंड तक लाना पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन सेवाओं के बेहतर समन्वय का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि 92.60 प्रतिशत कॉलर्स की संतुष्टि इस सेवा की गुणवत्ता और टीमवर्क को दर्शाती है।
एडीजीपी हरदीप दून के अनुसार, राज्यभर में ईआरवी की रणनीतिक तैनाती, जीपीएस ट्रैकिंग और उन्नत डिस्पैच सिस्टम ने प्रतिक्रिया समय को उल्लेखनीय रूप से कम किया है। वर्ष 2025 में पंचकूला जिले में ऑटो डिस्पैच पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई, जिसके तहत एसओएस कॉल मिलते ही स्वतः ईआरवी रवाना हो जाती है।
इसके साथ ही निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस को 112 से जोड़ना और जीपीएस आधारित परफॉर्मेंस ऑडिट मॉड्यूल लागू करना सेवा को और सशक्त बना रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि 2026 तक एआई आधारित और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए “गोल्डन मिनट्स” में मदद पहुंचाने का लक्ष्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों के साथ हरियाणा 112 देश का अग्रणी आपातकालीन सेवा मॉडल बन सकता है।
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