कनाडा के टोरंटो शहर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान अज्ञात असामाजिक तत्वों ने श्रद्धालुओं पर अंडे फेंके, जिससे इस धार्मिक उत्सव की पवित्रता और भावनाएं आहत हुई हैं। घटना की वीडियो सामने आने के बाद भारत सरकार ने कनाडा से कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। यह घटना उस समय हुई जब भक्तजन भगवान जगन्नाथ का नाम जपते हुए नाच-गाकर रथ यात्रा निकाल रहे थे। तभी किसी ने पास की इमारत से अंडे फेंके। वीडियो में साफ सुना जा सकता है,“किसी ने अभी यहाँ अंडे फेंके हैं।” फिर कैमरा फुटपाथ पर पड़े टूटे अंडों को दिखाता है।
एक महिला श्रद्धालु ने वीडियो में कहा,“किसी पास की बिल्डिंग से अंडे फेंके गए… क्यों? क्योंकि आस्था ने शोर मचाया? क्योंकि हमारी खुशी उन्हें अजीब लगी? लेकिन हम रुके नहीं, क्योंकि जब भगवान जगन्नाथ सड़कों पर निकलते हैं, नफरत हमें डिगा नहीं सकती। ये सिर्फ त्योहार नहीं, ये अडिग आस्था है।”
People from a building throw eggs at us..💁♀️🇨🇦 #rathayatra2025 #Toronto #canada #indiansincanada
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इस घटना पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने सोमवार (14 जुलाई) को प्रेस वार्ता में कहा, “यह कृत्य शरारती तत्वों द्वारा किया गया और अत्यंत निंदनीय है। यह त्योहार की भावना — जो एकता, समावेशिता और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देती है — के खिलाफ है।” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने कनाडा सरकार से मामले में तत्काल कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
Our response to media queries regarding an incident during the Rath Yatra procession in Toronto, Canada
🔗 https://t.co/4KnXWKDVkX pic.twitter.com/Q262jZReJP— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 14, 2025
पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा विधानसभा में नेता विपक्ष नवीन पटनायक ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए एक्स पर लिखा, “टोरंटो में रथयात्रा के दौरान भक्तों पर अंडे फेंकने की घटना से गहरा आघात पहुंचा है। यह न केवल भगवान जगन्नाथ के भक्तों की भावना को ठेस पहुंचाता है, बल्कि ओडिशा के लोगों के लिए भी गहरी पीड़ा का कारण है, जिनके लिए यह उत्सव अत्यंत भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व रखता है।”
टोरंटो की यह घटना कोई इकलौती घटना नहीं है। बीते कुछ वर्षों में कनाडा में कई हिंदू मंदिरों को तोड़ा या अपवित्र किया गया है, जिनमें से अधिकतर मामलों में खालिस्तानी चरमपंथियों की संलिप्तता सामने आई है।
लक्ष्मी नारायण मंदिर पर खालिस्तानी नारे:
ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे (Surrey) शहर में स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मी नारायण मंदिर की दीवारों पर अप्रैल 2024 में खालिस्तान समर्थक नारों की स्प्रे पेंट से लिखी गई ग्राफिटी सामने आई। यह घटना उस समय प्रकाश में आई जब मंदिर के सेवकों ने सुबह आकर देखा कि बाहरी दीवारों पर भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थन वाले संदेश उकेरे गए थे। इस अपवित्रता को लेकर कनाडाई हिंदू चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित कई संगठनों ने तीखी निंदा की और इसे “हिंदूफोबिया” की एक और कड़ी बताया। सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर लोगों ने कनाडा की सरकार से आग्रह किया कि वह धार्मिक स्थलों पर हो रहे हमलों को गंभीरता से लें और दोषियों पर सख्त कार्यवाही करें।
ग्रेटर टोरंटो में श्रीकृष्ण ब्रुंदावन मंदिर में तोड़फोड़:
मार्च 2024 में कनाडा के ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) में स्थित श्रीकृष्ण ब्रुंदावन मंदिर पर भी हमला हुआ, जहां दो युवकों ने रात के समय मंदिर परिसर के बाहर लगे मुख्य साइनबोर्ड को जानबूझकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इस पूरी घटना की CCTV फुटेज सामने आई, जिसमें दिखाया गया कि दोनों व्यक्ति पास के पब से बाहर निकलने के बाद सीधे मंदिर के पास गए और बोर्ड को तोड़ दिया। इस घटना के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में गहरा आक्रोश था और उन्होंने इसे सोची-समझी सांप्रदायिक शरारत बताया। इस मामले में पुलिस जांच जारी है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई।
ब्रैम्पटन में हिन्दू सभा मंदिर पर हिंसक हमला:
नवंबर 2023 में टोरंटो के पास ब्रैम्पटन शहर स्थित प्रसिद्ध हिंदू सभा मंदिर पर एक उग्र भीड़ ने हमला किया। हमलावर खालिस्तान समर्थक झंडे लिए हुए थे और मंदिर परिसर में प्रवेश कर लाठी-डंडों और घूंसे का इस्तेमाल कर हिंसा की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें स्पष्ट दिखा कि मंदिर परिसर में लड़ाई और अफरा-तफरी मच गई थी। इस घटना को लेकर भारत सरकार ने भी गंभीर चिंता जताई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा सरकार से सार्वजनिक रूप से कानून व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
कनाडा से बड़ी खबर!
कनाडा में मंदिर में हिन्दुओं पर हमला!
खालिस्तानियों ने ब्रैम्पटन में हिन्दुओं पर अचानक हमला कर दिया।
रविवार को कनाडा के ब्रैम्पटन में खालिस्तानी कट्टरपंथी हिन्दू समुदाय के लोगों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शन करते हुए ही वे बैरिकेड्स को तोड़कर… pic.twitter.com/ks0vpnzBoZ
— Panchjanya (@epanchjanya) November 4, 2024
एडमंटन के BAPS स्वामीनारायण मंदिर पर भारत विरोधी ग्राफिटी:
जुलाई 2023 में कनाडा के एडमंटन शहर में स्थित BAPS स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर अज्ञात तत्वों ने भारत विरोधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक संदेश लिख दिए। इस ग्राफिटी में कनाडाई सांसद चंद्र आर्य को भी निशाना बनाया गया था। यह वर्ष 2022 से लेकर चौथी घटना थी जब BAPS मंदिर को निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन इससे पहले के मामलों में भी अभियुक्तों पर प्रभावी कार्रवाई न होने के चलते लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता और अविश्वास और अधिक बढ़ गया।
ओकविल के वैष्णो देवी मंदिर में चोरी और तोड़फोड़:
फरवरी 2023 में कनाडा के ओकविल शहर में स्थित वैष्णो देवी मंदिर में रात के समय तोड़फोड़ और चोरी की गई। अज्ञात चोर मंदिर परिसर में घुसे और दान पेटियों से नकद राशि, कार्यालय की अलमारियों से सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज लूट ले गए। इस घटना में मंदिर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा, जिससे भक्तों में गहरी नाराज़गी और भय उत्पन्न हुआ। कई स्थानीय संगठन और मंदिर प्रशासन ने इस घटना को हिंदू धार्मिक स्थलों पर सुनियोजित हमला बताया और इसे सिर्फ चोरी नहीं बल्कि धार्मिक असहिष्णुता का प्रतीक कहा।
इन सभी घटनाओं में ‘हिंदूफोबिया’ स्पष्टता से नज़र आता है। कनाडा स्थित हिंदू चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसे संगठनों ने किया और कनाडाई सरकार से जवाबदेही की मांग की है। भारत के अधिकारियों का कहना है कि कनाडा में खालिस्तानी तत्वों को खुली छूट मिली हुई है, जिससे हिंदू समुदाय लगातार धार्मिक हमलों और अपमानजनक घटनाओं का शिकार हो रहा है। भारत ने पहले भी कनाडा से यह स्पष्ट रूप से कहा है कि वह सिख कट्टरपंथियों की गतिविधियों पर नियंत्रण लगाए।
कनाडा में रथ यात्रा जैसी सार्वजनिक धार्मिक गतिविधि पर हमला यह दर्शाता है कि हिंदू समुदाय असुरक्षा की भावना से ग्रस्त है।
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