सीआईडी के अनुसार, इस मामले में करीब 10 करोड़ रुपए के मनी ट्रेल का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि सरकारी धन को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने विभिन्न बैंकों में ट्रांसफर किए गए लगभग 1.80 करोड़ रुपए को फ्रीज कर दिया है।
इसके अलावा 18 लाख रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट को भी सीज किया गया है। जांच के क्रम में एसआईटी ने आरोपी अशोक कुमार भंडारी के ठिकानों पर छापेमारी की। भंडारी बोकारो के पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त थे। छापेमारी के दौरान उनकी संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
जब्त दस्तावेजों के मुताबिक, तेलीडीह, बोकारो में 4.08 डिसमिल भूमि, उसी जमीन पर बना तीन मंजिला मकान और तेलीडीह में ही 4.98 डिसमिल की एक अन्य जमीन का पता चला है। अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले में शामिल मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में तत्कालीन लेखापाल कौशल कुमार पांडेय, सतीश कुमार और अशोक कुमार भंडारी शामिल हैं। सीआईडी ने संकेत दिया है कि मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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