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‘पाकिस्तान के राफेल गिराने का दावा गलत’ डसॉल्ट CEO ने की जानकारी

ऑपरेशन सिंदूर पर दिया बड़ा बयान

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भारतीय वायुसेना द्वारा मई महीने में अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान की ओर से किए गए दावों को फ्रांस की राफेल विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने खारिज कर दिया है। कंपनी के CEO एरिक ट्रैपियर ने पाकिस्तानी मीडिया में चल रही उन खबरों को “भ्रामक और तथ्यहीन” बताया है, जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तानी सेना ने तीन भारतीय राफेल फाइटर जेट को मार गिराया है।

‘भारतीय पक्ष से कोई आधिकारिक सूचना नहीं’ फ्रांसीसी पत्रिका Challenges को दिए साक्षात्कार में ट्रैपियर ने साफ कहा, “भारतीयों ने इस विषय में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। जो हमें अभी तक ज्ञात है, वह यह है कि पाकिस्तानियों द्वारा किए गए दावे – तीन राफेल गिराने के – सही नहीं हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि युद्धों की सफलता केवल हानि-लाभ से नहीं, बल्कि लक्ष्य की प्राप्ति से आँकी जाती है।

‘WWII में भी ऐसा नहीं कहा गया कि नुकसान मतलब हार’ट्रैपियर ने एक ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा,
“द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यह नहीं कहा गया कि मित्र राष्ट्र हार गए क्योंकि उन्होंने सैनिक खो दिए।” उन्होंने संकेत दिया कि संभव है कि सच्ची जानकारी अभी पूरी तरह सामने न आई हो, और जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, कुछ को “चौंकाने वाले” खुलासे देखने को मिल सकते हैं।

भारत द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर राफेल जेट के उपयोग का पहला बड़ा सैन्य मिशन था, जिसे 2020 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। यह ऑपरेशन आतंकवादी शिविरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और सीमा पार के इलाकों में अंजाम दिया गया था।

भारतीय रक्षा विशेषज्ञों और एनालिस्ट्स ने शुरू से ही पाकिस्तानी दावों को प्रोपेगंडा और तथ्यहीन बताया था, और अब डसॉल्ट एविएशन की ओर से आए इस बयान ने उन दावों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एरिक ट्रैपियर ने आगे कहा कि राफेल आज भी दुनिया के सबसे प्रभावी और बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों में से एक है।
“यह फाइटर एयर-टू-एयर, ग्राउंड अटैक, परमाणु हथियार डिलीवरी, रीकॉन और कैरियर-ऑपरेशन जैसी सभी भूमिकाएं निभाने में सक्षम है,” उन्होंने कहा। F-35 या चीनी विकल्पों के मुकाबले राफेल की लचीलापन और बहुउद्देश्यीयता को उन्होंने अधिक भरोसेमंद बताया।

डसॉल्ट CEO का यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण एशिया में सैन्य संतुलन, हवाई शक्ति और रक्षा खरीद जैसे मुद्दे राजनीतिक और रणनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं। भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर को एक “सर्जिकल स्ट्राइक से आगे” बताया था, जिसमें अत्यधिक सटीकता और हवा से नियंत्रण हासिल कर दुश्मन की क्षमताओं को कमजोर किया गया।

डसॉल्ट की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के उस नैरेटिव को सीधे चुनौती देती है, जो उसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश करने की कोशिश की थी। इस बयान के बाद यह स्पष्ट होता है कि राफेल न केवल भारत की वायु शक्ति का प्रतीक है, बल्कि फ्रांस की तकनीकी प्रतिष्ठा का भी प्रतिनिधित्व करता है — और किसी भी तरह के भ्रामक दावे का डसॉल्ट खंडन करने से पीछे नहीं हटेगा।

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