वसई में होगा राज्य का पहला ‘डबल-डेकर’ क्रीक ब्रिज

मेट्रो 13 रूट पर 17,000 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट

वसई में होगा राज्य का पहला ‘डबल-डेकर’ क्रीक ब्रिज

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) को मीरा-भायंदर और वसई-विरार के बीच मेट्रो 13 रूट के तहत एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट प्रपोज़ल के लिए फ़ाइनल मंज़ूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली इंफ्रास्ट्रक्चर पर कैबिनेट कमिटी में इस प्रपोज़ल को आधिकारिक तौर पर मंज़ूरी दी गई है। इस फ़ैसले से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMRDA) में कम्युनिकेशन का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा, और दोनों इलाकों के बीच सड़क और रेल का सफ़र बहुत तेज़ हो जाएगा।

प्रोजेक्ट और डबल-डेकर क्रीक ब्रिज की खास बातें

इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण राज्य का पहला 4.92 km लंबा स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट डबल-डेकर क्रीक ब्रिज है जो नायगांव या वसई क्रीक पर बनेगा। इस ब्रिज के निचले लेवल के पास गाड़ियों के लिए छह लेन की सड़क होगी, जबकि ऊपरी लेवल के पास मेट्रो चलेगी।

32km का चक्कर बचेगा

अभी, लोगों को मीरा-भायंदर से वसई-विरार सड़क से जाने के लिए 32 किलोमीटर का बहुत बड़ा चक्कर लगाना पड़ता है। इस ब्रिज के बनने से यह बहुत बड़ा चक्कर पूरी तरह से बच जाएगा और यात्रियों का कम से कम 45 से 60 मिनट का समय और फ्यूल बचेगा।

मेट्रो 13 लाइन का डिज़ाइन और इन्वेस्टमेंट

यह 25.03 किलोमीटर लंबी मेट्रो 13 लाइन, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 17,724 करोड़ 99 लाख रुपये है, ठाणे और पालघर दोनों जिलों को सीधे जोड़ेगी।

प्रोजेक्ट ऐसा होगा

यात्रियों को सीधा फायदा

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से मीरा रोड, वसई, नायगांव, नालासोपारा और विरार इलाकों के लाखों यात्रियों को सफर करने में आसानी होगी। सड़क यात्रा की तुलना में यात्रा के समय में 50 प्रतिशत तक की भारी बचत होगी। इससे प्राइवेट गाड़ियों पर बढ़ते दबाव, सड़क पर ट्रैफिक की भीड़ और कार्बन एमिशन में काफी कमी लाने में भी मदद मिलेगी। MMRDA के इस अहम फैसले से यात्रियों को जल्द ही एक नए और मॉडर्न ट्रांसपोर्ट सिस्टम का फायदा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

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