‘पाकिस्तानियों ने मुझे माफी मांगने कहा, मैंने कहा—इस चिट्ठी को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल करूंगा’

भारत-पाक पारंपरिक युद्ध पर टिप्पणियों के बाद PTI ने भेजा था नोटिस, जॉन किरियाकू का दावा

‘पाकिस्तानियों ने मुझे माफी मांगने कहा, मैंने कहा—इस चिट्ठी को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल करूंगा’

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पूर्व CIA विश्लेषक और पाकिस्तान में काउंटर-टेरर ऑपरेशंस के प्रमुख रह चुके जॉन किरियाकू ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने पाकिस्तान की राजनीति और सुरक्षा हलकों में हलचल मचा दी है। किरियाकू ने बताया कि इमरान खान की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने उनसे भारत-पाकिस्तान के बीच पारंपरिक युद्ध की स्थिति में भारत की निर्णायक जीत वाली टिप्पणी पर माफी मांगने का दबाव बनाया पर उन्होंने बेहद तीखे शब्दों में इसे ठुकरा दिया।

किरियाकू ने कहा कि जैसे ही पाकिस्तान से यह पत्र उनके पास पहुंचा, उन्होंने जवाब में साफ लिख दिया कि वह इस माफीनामे की मांग के पत्र को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल करेंगे। उनके अनुसार, इसके बाद पाकिस्तान की तरफ़ से कभी कोई जवाब नहीं आया।

9/11 के बाद पाकिस्तान में CIA के काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशंस संभाल चुके किरियाकू ने चार दिन चले हालिया भारत-पाक संघर्ष के बाद टिप्पणी की थी कि भारत एक पारंपरिक युद्ध में पाकिस्तान को “आसानी से हरा देगा।” ANI से बातचीत में उनका कहना था, “कुछ भी—बिल्कुल कुछ भी अच्छा नहीं होगा अगर भारत और पाकिस्तान में युद्ध हुआ। पाकिस्तान हार जाएगा। बस इतना ही। मैं न्यूक्लियर युद्ध की बात नहीं कर रहा, सिर्फ़ पारंपरिक युद्ध की बात कर रहा हूं।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत को उकसाना बंद करना चाहिए क्योंकि इससे उसे कोई फायदा नहीं मिलने वाला।

किरियाकू की इस बेबाक टिप्पणी के बाद पाकिस्तान से ऑनलाइन गालियों और धमकियों की बौछार शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि उन्हें मिल रही मौत की धमकियों की संख्या अब गिनती से बाहर हो चुकी है।

उनके अनुसार, कुछ सप्ताह बाद उन्हें पाकिस्तान से PTI अध्यक्ष चौधरी परवेज़ इलाही की तरफ़ से एक पत्र मिला, जिसमें उनके बयान की कड़ी निंदा की गई थी और उनसे “पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, PTI और पाकिस्तान की जनता से तत्काल माफी” मांगने को कहा गया था।

किरियाकू ने पॉडकास्ट में बताया,“मेरे वकील ने कहा कि चुपचाप इसे फेंक दो। लेकिन मैंने उल्टा किया। मैंने ईमेल भेजकर कहा ‘आपकी माफी की मांग को मैं पिछवाड़ा पोंछने के लिए इस्तेमाल करूंगा।’ और मैंने सेंड दबा दिया। उसके बाद उनकी तरफ़ से कभी कोई जवाब नहीं आया।”

किरियाकू ने दावा किया कि उनकी टिप्पणी किसी राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित नहीं थी, बल्कि उनकी पेशेवर आकलन पर आधारित थी। उनका तर्क था कि भारत की जनसंख्या, संसाधन क्षमता, सैन्य ढांचा और पिछले वर्षों में दिखाई गई निर्णायक कार्रवाई—चाहे 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक हो या 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक—यह स्पष्ट करती है कि पाकिस्तान के लिए पारंपरिक युद्ध में जीत असंभव है।

उन्होंने कहा कि भारत अब अपने स्ट्रैटेजिक पेशेंस को कमजोरी समझे जाने के पुराने दौर में नहीं है और आतंक-प्रायोजित हमलों पर निर्णायक जवाब उसके नए सैन्य रुख को दर्शाते हैं। हालाँकि PTI की ओर से एक पूर्व CIA अधिकारी को “धमकी भरे लहज़े में माफीनामा” भेजना खुद पाकिस्तान की राजनीति पर भी सवाल खड़े करता है।

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