संचार मंत्रालय ने बयान में कहा, “डाक विभाग (डीओपी) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी अधिसूचनाओं का पालन करते हुए डाक चैनल के माध्यम से किए गए निर्यातों के लिए शुल्क वापसी, निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट (आरओडीटीईपी) तथा राज्य और केंद्रीय करों एवं शुल्कों पर छूट (आरओएससीटीएल) जैसे निर्यात लाभों को 15 जनवरी, 2025 से लागू कर दिया है।”
सरकार के मुताबिक,यह पहल निर्यात तक पहुंच को सरल बनाने और व्यापक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कारीगरों, स्टार्टअप और छोटे निर्यातकों के लिए जो कम और मध्यम मूल्य के अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट के लिए डाक नेटवर्क पर बहुत अधिक निर्भर हैं।
मंत्रालय ने बताया कि डाक चैनल के माध्यम से निर्यात को डाक विभाग और सीबीईसी की एक संयुक्त पहल डाक घर निर्यात केंद्र (डीएनके) के माध्यम से सुगम बनाया जाता है, जो एक ही छत के नीचे शुरू से अंत तक निर्यात सुविधा प्रदान करते हैं।
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