बचाव अभियान के दौरान करीब 240 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन्हें महादेईपटना रेजिडेंशियल स्कूल में पहुंचाया गया है। प्रशासन का कहना है कि बाकी छात्रों को भी सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बाद उनके अभिभावकों को सूचना दी जाएगी और स्थिति सामान्य होने पर उन्हें घर भेजा जाएगा।
केंद्रपाड़ा के सब-कलेक्टर अरुण कुमार नायक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि बच्चे करीब तीन दिनों से बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए थे। नदी में पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण शुरुआती दिनों में राहत और बचाव अभियान चलाना मुश्किल था।
सब-कलेक्टर के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कुल आठ टीमें तैनात की गई थीं। इन टीमों ने पेशेवर तरीके से काम करते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। प्रशासन की ओर से बच्चों के रहने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का इंतजाम किया जा रहा है।
भाजपा विधायक दुर्गा प्रसन्न नायक ने क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को लेकर कहा कि इस बार उम्मीद से कहीं अधिक बारिश हुई है। उनके मुताबिक, करीब 1,100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 25 वर्षों में नहीं हुई थी। भारी बारिश के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं।
विधायक ने कहा कि बाढ़ के दौरान कई बच्चे आश्रम के स्कूलों में फंसे हुए थे। सरकार की ओर से बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी, सब-कलेक्टर, बीडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं तथा राहत और बचाव अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है।
वहीं, एडीएम नबा कृष्ण जेना ने बताया कि कुलासाही आश्रम स्कूल चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया था। बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



