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Friday, July 17, 2026
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अब स्ट्रीट फूड भी FSSAI की सख्त निगरानी में

फूड सेफ्टी के लिए FSSAI का नया ऐप

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भारत के खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता प्राधिकरण एफएसएसएआई ने कहा है कि देश में पैक फूड के साथ स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। संस्था ने खाद्य पदार्थों के उत्पादक, वितरक, लैब, फूड सुरक्षा से जुड़ी संस्थाओं को एक प्लेटफार्म पर लाने के लिए फूड सेफ्टी ऐप भी लॉन्च किया है। संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजित पुनहानी ने कहा है कि देश में कुछ पेय, एनर्जी ड्रिंक की लेबलिंग से बेचे जा रहे थे जो गुमराह करने वाले विज्ञापन की श्रेणी में आते हैं।

भारतीय उद्योग परिषद एवं खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता प्राधिकरण की ओर से स्टेट कनेक्ट अभियान 2026 के तहत अहमदाबाद में खाद्य उत्पादक, निरीक्षक, वितरक, लैब संचालक एवं होटल- रेस्टोरेंट मालिकों का एक सम्मेलन आयोजित किया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट कहा है कि देश में बेचे जाने वाले खाद्य एवं पेय पदार्थ अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाले होने चाहिए सभी स्टेक होल्डर को एक मंच पर लाने के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट नाम से एक ऐप तैयार किया गया है। स्ट्रीट फूड संचालकों को भी अब एफएसएसएआई का सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा। खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर दीवानी एवं फौजदारी केस के अलावा जुर्माना का भी प्रावधान है।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि किसी भी तरह के फूड व खाद्य पदार्थ के लिए गुमराह करने वाले विज्ञापन स्वीकार्य नहीं है। हाल ही राजस्थान सरकार की ओर से करीब आधा दर्जन एनर्जी ड्रिंक ब्रांड पर रोक के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पेय पदार्थ में कोई खोट नहीं है लेकिन उसकी लेबलिंग को लेकर आपत्ति है। देश में एनर्जी ड्रिंक के नाम पर बिक रहे पेय पदार्थ एनर्जी ड्रिंक नहीं है क्योंकि यह मात्र पेय पदार्थ हैं, एनर्जी का अर्थ ऐसे भोजन से है जो आपको कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, प्रोटीन की भरपाई करता हो और कोई भी पदार्थ ऐसा नहीं करता है। ध्यान रहे की राजस्थान सरकार ने हाल ही स्टिंग, केम्पा जैसे आधा दर्जन ब्रांड पर एनर्जी ड्रिंक के लेबल पर आपत्ति जताते हुऐ उन पर रोक लगाई थी।

प्राधिकरण न कहा है कि खाद्य एवं पर पदार्थ के उत्पादन एवं मार्केटिंग में पारदर्शिता बढ़ती जानी चाहिए उत्पाद पर की गई लेबलिंग में बैच, एक्सपायरी डेट तथा उसमें प्रयुक्त पदार्थ के बारे में स्पष्ट सूचना दी जानी चाहिए। पुनहानि ने कहा कि वर्तमान में देश के खाद्य उत्पादक एवं निर्यातकों के समक्ष ई-कॉमर्स एवं निर्यात का क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण है और इसके लिए संस्थाओं को प्रमाणीकरण एवं डिजिटल तकनीक से सुसज्जित बनना पड़ेगा।

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