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बच्चों के विकास के लिए सिर्फ हेल्दी डाइट ही नहीं, फिजिकल एक्टिविटी भी है जरूरी!

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आज की लाइफस्टाइल में बच्चों का ज्यादातर समय मोबाइल, टीवी या टैबलेट के सामने बीत रहा है।

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बच्चों के सही विकास के लिए सिर्फ अच्छा खाना ही काफी नहीं है। उसके साथ-साथ रोजाना शारीरिक गतिविधि (फिजिकल एक्टिविटी) भी उतनी ही जरूरी है। अगर ये दोनों चीजें साथ में चलें, तभी बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से बढ़ पाता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आज की लाइफस्टाइल में बच्चों का ज्यादातर समय मोबाइल, टीवी या टैबलेट के सामने बीत रहा है। पहले बच्चे खेल के मैदान में दौड़ते थे, कूदते थे, क्रिकेट या कोई आउटडोर गेम खेलते थे। लेकिन अब खेलकूद कम हो गया है और स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। इसी वजह से बच्चों में मोटापा, आलस और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

डॉक्टर भी यही कहते हैं कि बच्चों को हर दिन कम से कम 60 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी जरूर करनी चाहिए। इसमें दौड़ना, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना, योग करना या कोई भी आउटडोर गेम शामिल हो सकता है। इससे शरीर मजबूत बनता है, हड्डियां और मांसपेशियां सही तरीके से विकसित होती हैं और बच्चा एक्टिव रहता है।

सिर्फ एक्सरसाइज ही नहीं, बच्चों का खानपान भी बहुत अहम है। आजकल बहुत से बच्चे जंक फूड की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं जैसे चिप्स, बर्गर, पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट और पैकेट वाले स्नैक्स। ये चीजें स्वाद में तो अच्छी लगती हैं, लेकिन सेहत के लिए नुकसानदायक होती हैं। लगातार ऐसा खाना खाने से मोटापा बढ़ता है और शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

इसके बजाय बच्चों को घर का बना ताज़ा और संतुलित खाना देना चाहिए। खाने में मौसमी फल, हरी सब्जियां, दालें, मोटा अनाज (मिलेट्स), दूध और सूखे मेवे शामिल करने चाहिए। ये सभी चीजें बच्चों के शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और एनर्जी देती हैं, जिससे उनका विकास सही तरीके से होता है।

आजकल कुछ स्कूलों में ‘शुगर और ऑयल बोर्ड’ जैसे जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि बच्चे और उनके माता-पिता यह समझ सकें कि ज्यादा चीनी और ज्यादा तेल वाला खाना कितना नुकसानदायक हो सकता है। इसका मकसद बच्चों को छोटी उम्र से ही हेल्दी लाइफस्टाइल की आदत डालना है।

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