इजरायल-हमास संघर्षविराम के बाद गाजा में जश्न

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "हमने अपने युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया है, और इनमें से एक मुख्य लक्ष्य बंधकों की वापसी है—सभी की, जीवित और मृत।"

इजरायल-हमास संघर्षविराम के बाद गाजा में जश्न

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इजरायल और हमास के बीच दो साल तक चले खूनी संघर्ष के बाद आखिरकार गुरुवार (9 अक्तूबर) को सीजफायर समझौता हो गया। इसके साथ ही गाजा पट्टी में जश्न का माहौल है। सड़कों पर लोग झंडे लहराते और “अल्लाहु अकबर…” चिल्लाते नजर आए। कई इलाकों में बच्चों ने पटाखे फोड़े और महिलाओं ने राहत की दुआएं मांगीं। मिस्र के शर्म-अल-शेख में हुई अमेरिकी मध्यस्थता वाली वार्ता के बाद दोनों पक्षों इजरायल और हमास ने युद्धविराम के पहले चरण पर दस्तखत किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते की घोषणा करते हुए कहा कि यह “शांति की दिशा में निर्णायक कदम” है।

दौरान शुक्रवार को घोषणा करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “हम एक निर्णायक घटनाक्रम के दौर से गुज़र रहे हैं। पिछले दो वर्षों में, हमने अपने युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया है, और इनमें से एक मुख्य लक्ष्य बंधकों की वापसी है—सभी की, जीवित और मृत। और हम इसे पूरा करने वाले हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प और उनकी टीम—स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर—के असाधारण सहयोग के बिना हम इस मुकाम तक नहीं पहुँच पाते। उन्होंने रॉन और उनकी टीम, यानी हमारी टीम के साथ मिलकर अथक परिश्रम किया। इन प्रयासों ने, गाजा में प्रवेश करने वाले हमारे सैनिकों के साहस के साथ, संयुक्त सैन्य और कूटनीतिक दबाव बनाया है जिसने हमास को अलग-थलग कर दिया है। मेरा मानना ​​है कि इसी वजह से हम इस मुकाम पर पहुँचे हैं।”

दूसरी तरफ गाजा में जश्न के बीच लोग अपने प्रियजनों को याद कर रहे हैं, जिन्होंने इस भीषण युद्ध में जान गंवाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो साल में 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हुई है, जबकि लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं।पूर्वी गाजा के रहने वाले मोहम्मद वादी ने कहा, “आज हमें सीजफायर की खबर मिली है। इसका मतलब है कि अब खूनखराबा रुकेगा। हर तरफ खुशी का माहौल है। इतनी खुशी कि मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। अल्लाह से दुआ करते हैं कि यह शांति कायम रहे और फिर से युद्ध न हो।”

गाजा पट्टी से विस्थापित एक महिला ने कहा, “इस युद्धविराम से मुझे बेहद खुशी है। गाजा में रहने वाले हमारे लोग अब चैन की सांस लेंगे।” कई विस्थापित परिवारों ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा किए, जिनमें उन्होंने शांति और स्थिरता की कामना की। समझौते के तहत, इजरायल की सेना गाजा के बड़े हिस्से से पीछे हटेगी। इजरायल फिलिस्तीनी बंधकों को रिहा करेगा। हमास सभी 20 इजरायली जिंदा बंधकों को अगले कुछ दिनों में छोड़ेगा।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईश्वर की मदद से हम सभी बंधकों को घर लाएंगे।” हमास ने कहा कि इस समझौते से “गाजा पट्टी से इजरायली सैनिक हटेंगे और राहत व सहायता संगठनों को प्रवेश की अनुमति मिलेगी।” संगठन ने जोड़ा कि “ट्रंप के प्रस्ताव पर गहन विचार-विमर्श के बाद यह डील स्वीकार की गई है, और हमें भरोसा दिया गया है कि इजरायल अपने सैनिकों को हटाएगा।”

गाजा की सड़कों पर अब वह भय नहीं, जो पिछले महीनों में हर घर पर छाया था। बच्चे खुले आसमान के नीचे खेलते दिख रहे हैं, और परिवार अस्थायी शिविरों में एक-दूसरे को गले लगाकर राहत महसूस कर रहे हैं।

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