हॉलीवुड फिल्म ओशन्स इलेवन में जॉर्ज क्लूनी और उनकी टीम की हाई-प्रोफाइल डकैती ने दर्शकों को रोमांचित किया था, लेकिन जर्मनी के नॉर्थ राइन-वेस्टफालिया प्रांत के गेल्सेनकिर्शेन शहर में सामने आई एक वास्तविक घटना ने फिल्मी कहानी को हकीकत में बदल दिया है। यहां लुटेरों के एक गिरोह ने अत्यंत पेशेवर तरीके से एक बैंक वॉल्ट में सेंध लगाकर करीब 30 मिलियन यूरो (लगभग 316 करोड़ रुपये) की नकदी, सोना और आभूषण चुरा लिए। इसे जर्मनी के इतिहास की सबसे बड़ी बैंक डकैतियों में से एक माना जा रहा है।
यह वारदात स्पार्कासे (Sparkasse) सेविंग्स बैंक की शाखा में हुई, जो नीनहॉफस्ट्रासे पर स्थित है। चोरों ने क्रिसमस की छुट्टियों का फायदा उठाते हुए बैंक के भूमिगत वॉल्ट की दीवार में एक बड़ा छेद ड्रिल मशीन से बनाया और भीतर दाखिल हुए। पुलिस के अनुसार, 3,000 से अधिक सेफ डिपॉजिट बॉक्स तोड़ दिए गए और उनमें रखी नकदी, सोना और आभूषण लूट लिए गए।
घटना का खुलासा सोमवार (29 दिसंबर) तड़के तब हुआ जब सुबह करीब 4 बजे फायर अलार्म बज उठा। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड ने जब वॉल्ट का निरीक्षण किया, तो बेसमेंट की दीवार में एक विशाल छेद देखकर दंग रह गए। जांचकर्ताओं को शक है कि चोर छुट्टियों के दौरान कई दिन तक वॉल्ट के भीतर ही रहे, क्योंकि जर्मनी में गुरुवार और शुक्रवार को क्रिसमस के कारण अधिकांश प्रतिष्ठान बंद थे।
बैंक ने अपने बयान में कहा, “क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान ब्रांच में चोरी हुई और 3,250 कस्टमर सेफ डिपॉजिट बॉक्स में से 95 प्रतिशत से ज़्यादा बॉक्स अज्ञात चोरों ने तोड़ दिए।” शुरुआती जांच से पता चला है कि लुटेरे पास के एक पार्किंग गैरेज के रास्ते बैंक में दाखिल हुए और उसी रास्ते से फरार भी हुए। पुलिस ने बताया कि शनिवार और रविवार की रात के बीच कुछ गवाहों ने पार्किंग गैरेज की सीढ़ियों में बड़े बैग ले जाते कई लोगों को देखा था।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, लुटेरे सोमवार तड़के एक हाई-परफॉर्मेंस ब्लैक ऑडी आरएस 6 कार में फरार हुए। उन्होंने जानबूझकर अपने चेहरे ढंके हुए थे। कार की नंबर प्लेट हनोवर से चुराई गई एक गाड़ी की थी, जो गेल्सेनकिर्शेन से 200 किलोमीटर से अधिक दूर है।
अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस के एक प्रवक्ता ने इस ऑपरेशन की तुलना हॉलीवुड शैली की डकैती से करते हुए कहा, “इसकी योजना बनाने और इसे अंजाम देने में बहुत ज़्यादा पहले की जानकारी और/या बहुत ज़्यादा आपराधिक ऊर्जा लगी होगी।” पुलिस का अनुमान है कि सेफ डिपॉजिट बॉक्स का औसत बीमा मूल्य 10,000 यूरो से अधिक था, जिससे कुल नुकसान करीब 30 मिलियन यूरो आंका गया है।
डकैती के बाद बैंक शाखा को बंद कर दिया गया। मंगलवार को करीब 200 ग्राहक शाखा के बाहर जमा हो गए और जानकारी की मांग करते हुए जोर-जोर से “Let us in!” के नारे लगाए। कई ग्राहकों ने पुलिस को बताया कि उनका नुकसान बीमा राशि से कहीं अधिक है। इस बैंक में 25-25 साल से अपनी बचत जमा कर चुके लोग माथा पीटकर रो रहें है।
यह घटना हाल के महीनों में यूरोप में हुई अन्य बड़ी डकैतियों की याद दिलाती है, जिनमें पेरिस के लूव्र संग्रहालय में हुई चोरी भी शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, गेल्सेनकिर्शेन की यह डकैती न केवल योजना और तकनीक के लिहाज से असाधारण है, बल्कि इसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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