चांदी की कीमतों में कमी की वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर के भाव में कमी आना है। वैश्विक स्तर चांदी की कीमत अपने ऑल-टाइम हाई 39.5 डॉलर प्रति औंस से कम होकर 38.15 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।
वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के कारण बीते एक हफ्ते में चांदी कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
10 जुलाई को चांदी की कीमत 1,06,900 रुपए प्रति किलो थी, जो कि 13 जुलाई तक बढ़कर ऑल-टाइम हाई 1,13,867 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। इस दौरान चांदी में 6,967 रुपए प्रति किलो की तेजी देखी गई।
इस साल की शुरुआत से ही चांदी में तेजी बनी हुई है। 1 जनवरी से अब तक चांदी का भाव 86,017 रुपए प्रति किलो से 24,979 रुपए या 29.03 प्रतिशत बढ़कर 1,10,996 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है।
चांदी में उतार-चढ़ाव पर एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी ने कहा, चांदी में तेजी की वजह सोने के विकल्पों के प्रति निवेशकों की रुचि में बदलाव भी है। निवेशक अब चांदी को एक आकर्षक निवेश के रूप में देख रहे हैं। सिल्वर ईटीएफ (ईटीएफ) में भी मजबूत प्रवाह देखा जा रहा है, जो इसकी निवेश मांग को दर्शाता है।
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