आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। डीसा नगर पालिका के अग्निशमन कर्मी भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों में जुट गए।
डीसा तालुका पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। घायलों की स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है।
आग इतनी भयावह थी कि फैक्ट्री का स्लैब भी टूटकर गिर गया, जिसके कारण बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई। स्लैब गिरने से घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बनासकांठा कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया, “सुबह हमें डीसा के औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े विस्फोट की सूचना मिली। अग्निशमन विभाग तुरंत मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई। घायल श्रमिकों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।”
बनासकांठा एसपी अक्षय राज मकवाना ने जानकारी दी कि इस हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह धमाका एक गोदाम में हुआ, जो अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा था।
भारतीय ऑटो कंपनी: एसयूवी सेगमेंट में भारी उछाल, मारुति और महिंद्रा रहे सबसे आगे !