इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया। अब गैरकानूनी पंचायत बुलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। घटना बीते शनिवार, 11 जुलाई 2026 की है, जब पलमा गांव के ही रहने वाले दरिंदे सुनील लोहरा ने तीन वर्षीय मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया और उसके साथ बर्बरता की।
जब इस घटना की जानकारी गांव के कुछ रसूखदारों को लगी, तो उन्होंने पुलिस को सूचना देने या पीड़ित परिवार को कानूनी न्याय दिलाने के बजाय, रविवार को गांव में ही एक गुपचुप पंचायत बुला ली। इस पंचायत का मुख्य उद्देश्य पीड़ित को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि पूरे मामले को रफा-दफा करना था।
दबंगों ने आरोपी से मौके पर ही 20 हजार रुपये नकद वसूल लिए और शेष 80 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि एक सप्ताह के भीतर हर हाल में चुकाने की सख्त मोहलत दे दी। लेकिन, संवेदनहीनता का सबसे वीभत्स रूप इसके बाद देखने को मिला।
इसके बाद दुष्कर्म के पैसों से इन रसूखदारों ने जमकर जश्न मनाया और मटन-शराब की पार्टी की। इस बीच, गांव के ही एक सजग नागरिक ने हिम्मत दिखाई और गुप्त रूप से घाघरा थाना पुलिस को पूरे घटनाक्रम की सटीक सूचना दे दी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की अत्यंत गंभीर व गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पीड़ित परिवार पर केस दबाने का दबाव बनाने, साक्ष्यों को नष्ट करने और जघन्य सामाजिक अपराध को छुपाने का षड्यंत्र रचने के आरोप में पंचायत के आयोजकों, उसमें शामिल दबंगों और शराब पार्टी करने वालों की पहचान में जुटी है।
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