‘एग्जाम में ध्यान रखते थे, बीमार होने पर साथ रहते थे’, शबाना आजमी ने किया फारूक शेख को याद!

शबाना आजमी ने इंस्टाग्राम पर फारूक शेख की एक पुरानी तस्वीर शेयर की और उनके साथ बिताए गए कॉलेज के दिनों को याद किया।

‘एग्जाम में ध्यान रखते थे, बीमार होने पर साथ रहते थे’, शबाना आजमी ने किया फारूक शेख को याद!

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फिल्म इंडस्ट्री में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जो जिंदगी भर साथ चलते हैं। ऐसे ही एक खास रिश्ते को याद करते हुए मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी ने अपने पुराने दोस्त और अभिनेता फारूक शेख को उनकी जयंती पर याद किया। अपने पोस्ट में उन्होंने उन यादों का जिक्र किया, जो आज भी उनके दिल के बेहद करीब हैं।

शबाना आजमी ने इंस्टाग्राम पर फारूक शेख की एक पुरानी तस्वीर शेयर की और उनके साथ बिताए गए कॉलेज के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि दोनों सेंट जेवियर्स कॉलेज में साथ पढ़ते थे और वहीं से उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई थी।

अपने पोस्ट में शबाना ने कहा, ”एग्जाम के दौरान फारूक शेख हमेशा मेरा ख्याल रखते थे। वह यह सुनिश्चित करते थे कि मेरे पेन में स्याही खत्म न हो जाए, ताकि मैं आराम से लिख सकूं। जब मैं बीमार होती थी, तब भी वह मेरे साथ खड़े रहते थे। हालांकि, इस सबके बीच वह मुझे चिढ़ाते भी रहते थे। उन्होंने कभी सीधे तौर पर मेरी तारीफ नहीं की।”

उन्होंने कहा, ”कॉलेज के दिनों के बाद भी हमारा साथ बना रहा। हमने लगभग 22 साल तक दुनिया भर में साथ काम किया। हमने मशहूर नाटक ‘तुम्हारी अमृता’ में एक साथ परफॉर्म किया, जिसे फिरोज अब्बास खान ने निर्देशित किया था। मैं आपके जन्मदिन पर आपको याद कर रही हूं।”

अगर फारूक शेख के करियर की बात करें तो वह हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में रहे हैं, जिन्होंने अपनी सादगी और शानदार अभिनय से एक अलग पहचान बनाई। फारूख शेख ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1973 में ‘गर्म हवा’ से फिल्मों में कदम रखा।

उन्होंने सत्यजीत रे, साई परांजपे और ऋषिकेश मुखर्जी जैसे दिग्गजों के साथ काम किया और ‘चश्मे बद्दूर’, ‘बाजार’ और ‘उमराव जान’ जैसी फिल्मों से पहचान बनाई। टीवी और थिएटर में भी वह सक्रिय रहे और अपने सहज अभिनय के लिए जाने गए।

28 दिसंबर 2013 को फारूक शेख का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उस समय वह दुबई में अपने परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे थे। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री को एक बड़ा झटका लगा था।

 
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