होर्मुज़ नियंत्रण, नुकसान का मुआवजा; क्या है ईरान का 10-सूत्रीय प्रस्ताव?

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दो हफ्तों के युद्धविराम को मंजूरी

होर्मुज़ नियंत्रण, नुकसान का मुआवजा; क्या है ईरान का 10-सूत्रीय प्रस्ताव?

Hormuz control, compensation for losses; what is Iran's 10-point proposal?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार(7 अप्रैल) को ईरान के साथ दो हफ्तों के युद्धविराम को मंजूरी दी। यह निर्णय तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अपनी तय समयसीमा खत्म होने से दो घंटे पहले लिया गया। अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि यदि जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो नागरिक बुनियादी ढांचे पर विनाशकारी हमले किए जाएंगे।

तेहरान ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की बात कही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची ने कहा कि यदि अमेरिका और इजरायल अपने हमले रोकते हैं, तो ईरान भी अपनी “रक्षात्मक कार्रवाई” दो हफ्तों के लिए स्थगित करेगा। उन्होंने बताया कि इस अवधि में ईरानी सेना इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही का समन्वय करेगी, लेकिन “ईरान की सशस्त्र सेनाएं” इस मार्ग पर नियंत्रण बनाए रखेंगी।

28 फरवरी को अमेरिका-इस्रायल के हमलों के बाद शुरू हुए युद्ध में तेहरान ने जीत का दावा किया और कहा कि उसने अमेरिका को अपनी 10-सूत्रीय योजना स्वीकार करने के लिए मजबूर किया, जिसमें प्रतिबंध हटाने और परमाणु संवर्धन को मान्यता देने की मांग शामिल है।

ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान से एक “व्यवहार्य” 10-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव मिला है। उनके अनुसार, अमेरिका पहले ही अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका है और अब वह ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति तथा मध्य-पूर्व में स्थिरता के लिए ठोस समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अमेरिका द्वारा “व्यवहार्य” माने गए ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव में निम्नलिखित प्रमुख शर्तें शामिल हैं:

  • ईरान के खिलाफ आगे कोई आक्रामक कार्रवाई न करने की अमेरिकी प्रतिबद्धता
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण कायम रहना
  • ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की स्वीकृति
  • सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना
  • सभी द्वितीयक प्रतिबंधों को हटाना
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा ईरान के खिलाफ सभी प्रस्ताव रद्द करना
  • अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड द्वारा पारित प्रस्तावों को रद्द करना
  • युद्ध में हुए नुकसान के लिए ईरान को मुआवजा देना
  • क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी
  • लेबनान सहित सभी मोर्चों पर शत्रुता समाप्त करना

तेहरान ने इस युद्धविराम को संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि एक रणनीतिक विराम बताया है। उसका कहना है कि इस दौरान अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को और मजबूत किया जाएगा और नए क्षेत्रीय समीकरणों में ईरान की शक्ति और संप्रभुता को प्रतिबिंबित किया जाएगा। हालांकि, ईरान के इन दावों की वॉशिंग्टन की ओर से तत्काल पुष्टि नहीं की गई है।

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