28 C
Mumbai
Saturday, February 21, 2026
होमदेश दुनियाट्रंप के सामने कैसे भारत ने कृषि मोर्चे पर पलटा खेल? पीयूष...

ट्रंप के सामने कैसे भारत ने कृषि मोर्चे पर पलटा खेल? पीयूष गोयल ने बताई पूरी रणनीति

Google News Follow

Related

भारत और अमेरिका के बीच घोषित अंतरिम व्यापार ढांचे को लेकर सबसे बड़ा सवाल कृषि और डेयरी क्षेत्र पर उसके असर को लेकर था। शनिवार (7 फरवरी) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस समझौते में भारत ने अपनी कृषि और डेयरी से जुड़ी ‘रेड लाइन्स’ से कोई समझौता नहीं किया, बल्कि उलटे अमेरिका के बाजार में भारतीय उत्पादों के लिए बड़ा रास्ता खोलने में कामयाबी हासिल की है।

गोयल ने कहा कि अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी बाजारों में व्यापक पहुंच चाहता था, लेकिन नई दिल्ली ने यह दबाव स्वीकार नहीं किया। इसके बजाय भारत ने चुनिंदा अमेरिकी उत्पाद जैसे रेड ज्वार (सोरघम), ट्री नट्स, वाइन और स्पिरिट्स के लिए ही सीमित बाजार पहुंच दी। वहीं, भारत के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क (जीरो टैरिफ) का लाभ मिला है।

मंत्री ने कहा, “जिन उत्पादों पर हम ‘आत्मनिर्भर’ हैं, उन्हें इस समझौते से बाहर रखा गया है।” उन्होंने दावा किया कि लगभग एक साल चली बातचीत के बाद हुआ यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार के द्वार खोलेगा। भारत-अमेरिका के बीच अंतिम व्यापार समझौते पर मार्च के मध्य में हस्ताक्षर होने की संभावना है।

गोयल ने बताया कि अब कई भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में बिना किसी आयात शुल्क के निर्यात किए जा सकेंगे।  कृषि क्षेत्र में भारत के कई उत्पाद अब अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात होंगे। उनके मुताबिक, चाय, मसाले, कॉफी और नारियल तेल पर अब अमेरिकी बाजार में कोई टैरिफ नहीं लगेगा।

इसके अलावा केला, आम, अमरूद, एवोकाडो, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद और तिल जैसी कई वस्तुएं भी बिना शुल्क के अमेरिका पहुंच सकेंगी। गोयल ने दोहराया, “यह भारत-अमेरिका समझौता किसी भी तरह से भारत के किसानों, एमएसएमई, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाता।”

कृषि से आगे भी बड़ा फायदा

कृषि के अलावा, गोयल ने कहा कि अमेरिका को होने वाला 13 अरब डॉलर का भारतीय फार्मा निर्यात अब शून्य शुल्क के दायरे में आएगा। रत्न और आभूषण, हीरे, और भारत में बने स्मार्टफोन भी भविष्य में जीरो टैरिफ का लाभ उठाएंगे। इसके साथ ही विमान के पुर्जे, ऑटो पार्ट्स, घड़ियां, एसेंशियल ऑयल्स और कुछ होम डेकोर उत्पादों पर भी शुल्क घटाकर शून्य किया जाएगा।

गोयल के मुताबिक, इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। अहम बात यह है कि अब अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जो चीन (35%), वियतनाम और बांग्लादेश (20%), और इंडोनेशिया (19%) से कम है।

इसके अलावा रूस से तेल खरीद को लेकर ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क पूरी तरह हटा लिया गया है। गोयल ने कहा, “आज भारत अमेरिकी बाजार में कहीं ज्यादा प्रतिस्पर्धी स्थिति में खड़ा है।” कुल मिलाकर, पीयूष गोयल के बयानों से यह साफ होता है कि कठिन और लंबी बातचीत के बावजूद भारत ने कृषि क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा करते हुए अमेरिका से बड़े व्यापारिक लाभ हासिल किए हैं। हालांकि, अंतिम तस्वीर मार्च में होने वाले अंतिम समझौते के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।

यह भी पढ़ें:

पीएम मोदी पहुंचे मलेशिया, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत!

बरेली में गैर-कानूनी मस्जिद पर चला बुलडोजर

पूंछ दौरे में थलसेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी की पुराने सहकर्मी से मुलाकात!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,164फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
295,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें