एक्सपर्ट्स के अनुसार, अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ संकेत ऐसे हैं जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण में सीने में दर्द, जकड़न, दबाव या बेचैनी महसूस होना। यह दर्द बांहों, बाएं कंधे, कोहनी, जबड़े, गर्दन या पीठ तक फैल सकता है। इसके साथ ही सांस लेने में तकलीफ या अचानक सांस फूलना। मतली, उल्टी या पेट में असहजता लगना जैसे लक्षण भी होते हैं।
इसके अलावा, चक्कर आना या हल्का महसूस होना, बिना किसी मेहनत के अचानक ठंड के साथ पसीना आना और चेहरे के साथ धीरे-धीरे पूरा शरीर पीला पड़ जाना। ये लक्षण महिलाओं और बुजुर्गों में कभी-कभी कम स्पष्ट होते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। अगर इनमें से कोई भी लक्षण 5 मिनट से ज्यादा समय तक रहे तो तुरंत डॉक्टर को सूचित करें या इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें।
हार्ट अटैक से बचाव संभव है, अगर दिनचर्या में कुछ जरूरी बदलाव लाएं। सबसे महत्वपूर्ण है स्वस्थ जीवनशैली अपनाना। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें। तेज चलना, साइकिलिंग, तैराकी या योगासन बहुत फायदेमंद होते हैं। स्वस्थ आहार लें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक आने पर घबराएं नहीं। मरीज को आराम की स्थिति में लिटाएं, तंग कपड़े ढीले करें और तुरंत मेडिकल मदद लें। एस्पिरिन की गोली (डॉक्टर की सलाह से) चबाकर दी जा सकती है। भारत में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए 30 वर्ष से ऊपर के हर व्यक्ति को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।
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