ईरान ने बुधवार(3 जून) को कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई इससे पहले अमेरिका द्वारा ईरान के केशम द्वीप पर किए गए हमले के जवाब में की गई है। ईरानी सशस्त्र बलों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के दूरसंचार एंटीना और एक तेलवाहक जहाज पर हमला किया था, जिसके प्रत्युत्तर में अमेरिकी पांचवें नौसैनिक बेड़े और क्षेत्र के एक अमेरिकी वायुसेना अड्डे को निशाना बनाया गया। ईरान ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के माध्यम से उसने पहले दी गई कड़े जवाब की चेतावनी को अमल में लाया है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने जोरदार धमाकों की आवाजें सुनने की सूचना दी। इसके बाद कुवैत की सेना ने बुधवार तड़के बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन को सक्रिय रूप से रोक रही है। सेना के जनरल स्टाफ द्वारा जारी प्रारंभिक बयान में कहा गया कि वायु रक्षा प्रणाली “वर्तमान में दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही है।” सेना ने स्पष्ट किया कि लोगों को सुनाई देने वाली विस्फोटों की आवाजें देश की रक्षा प्रणाली द्वारा की गई अवरोधक कार्रवाई का परिणाम थीं।
स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही सेना ने एक और सार्वजनिक चेतावनी जारी की। सेना ने नागरिकों और निवासियों से अपील की कि वे गिराए गए हवाई लक्ष्यों के मलबे, विस्फोटकों के टुकड़ों या किसी भी अज्ञात वस्तु को न छुएं और न ही उनके पास जाएं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ऐसे अवशेष सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने एक बयान में कहा कि यदि किसी को कोई संदिग्ध मलबा या वस्तु दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत 112 हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं या संबंधित अधिकारियों को दी जाए। सेना ने लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील भी की है।
ये घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य टकराव के बाद बढ़े क्षेत्रीय तनाव के बीच सामने आए हैं। इस बीच ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी (IRIB) ने दावा किया कि फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और केशम द्वीप पर अमेरिका की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों के बाद कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। प्रसारक ने आरोप लगाया कि कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला हुआ है, हालांकि इस दावे की तत्काल कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
उधर, बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को खतरे का सायरन बजाया गया। मंत्रालय ने नागरिकों और निवासियों से शांत रहने, आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करने तथा निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है।
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