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Friday, October 30, 2026
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Supreme Court: अवैध कॉलोनियां, शहरी विकास के लिए समस्‍या

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने गोपाल शंकरनारायणन से कहा कि बताएं कि अवैध कालोनियों की रोकथाम के लिए सरकार कौन से कदम उठा सकती है।  

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सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में तेजी से बढ़ रही अवैध कालोनियों को शहरी विकास के लिए समस्या करार देते हुए कहा कि इन अवैध बसावटों की रोकथाम के लिए राज्य सरकारों को व्यापक कार्ययोजना बनानी होगी।
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सर्वोच्‍च अदालत ने कहा ​​कि देश के इन सभी शहरों में कुकुरमुत्तों की तरह पनप रही अवैध कालोनियों से शहरी विकास में मुश्किलें पेश आती हैं। ऐसे में राज्य सरकारों को इस मसले पर कदम उठाने होंगे।
एक रिपोर्ट के अनुसार न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बीआर गवई  की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन को इस मसले पर न्यायमित्र नियुक्त किया। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने गोपाल शंकरनारायणन से कहा कि बताएं कि अवैध कालोनियों की रोकथाम के लिए सरकार कौन से कदम उठा सकती है।
सर्वोच्‍च अदालत की पीठ ने कहा कि देश के तमाम शहरों में कुकुरमुत्तों की तरह अवैध कालोनियों के पनपने की शिकायते आ रही हैं। हमने हैदराबाद और केरल में विकराल बाढ़ देखी जो इन अनियमित और अवैध कालोनियों की बसावट के चलते आई।
राज्य सरकारों को अवैध कालोनियों को पनपने से रोकने के संबंध में कार्रवाई करनी होगी। इसके साथ ही सर्वोच्‍च अदालत ने निर्देश दिया कि न्याय मित्र के पास समस्त रिकार्ड जमा कराए जाएं। न्‍याय मित्र गोपाल शंकरनारायणन दो हफ्ते में अपने सुझाव देंगे।
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