कनाडा की अग्रणी यूरेनियम कंपनी कैमेको कॉर्पोरेशन ने भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग के साथ 1.9 अरब अमेरिकी डॉलर का दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता किया है। इस बड़े करार की घोषणा सोमवार (2 मार्च) को नई दिल्ली में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की पहली आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान की गई।
यह समझौता भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग और केमेको के बीच हुआ है, जिसके तहत कंपनी वर्ष 2027 से 2035 तक लगभग 2.2 करोड़ पाउंड (करीब 11,000 टन) यूरेनियम अयस्क सांद्रण की आपूर्ति करेगी। आपूर्ति बाजार-आधारित मूल्य शर्तों पर की जाएगी और इससे भारत के तेजी से विस्तार कर रहे परमाणु रिएक्टर बेड़े को समर्थन मिलेगा।
समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की उपस्थिति में औपचारिक रूप दिया गया। इसे कनाडा-भारत संबंधों में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पूर्ववर्ती जस्टिन ट्रुडो सरकार के दौरान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव उभरे थे।
यह करार भारत की उस रणनीति के अनुरूप है, जिसके तहत वर्ष 2030 तक देश अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए परमाणु ऊर्जा को महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है। साथ ही, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव के बीच भारत अपने यूरेनियम स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है।
केमेको के लिए यह समझौता दीर्घकालिक राजस्व स्थिरता सुनिश्चित करेगा। कंपनी का मुख्यालय सास्काटून, सास्काचेवान में है और इसे दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध यूरेनियम कंपनी माना जाता है। कनाडा वैश्विक स्तर पर यूरेनियम उत्पादन में अग्रणी देशों में शामिल है और कुल उत्पादन का लगभग 13-15 प्रतिशत योगदान देता है।
प्रधानमंत्री कार्नी के नेतृत्व में कनाडा सरकार ने महत्वपूर्ण खनिज, नवीकरणीय ऊर्जा, तरलीकृत प्राकृतिक गैस, हाइड्रोजन और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा भी जताई है। इसके अलावा, वर्ष के अंत तक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को अंतिम रूप देने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50-70 अरब डॉलर तक दोगुना करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
यह भी पढ़ें:
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात
ईरान ने अमेरिका–इज़राइल द्वारा परमाणु ठिकानों पर हमले का किया दावा
“मोदीजी मुझें इजाजत दें, मैं ईरान के लिए लड़ने जाउंगी”
मध्यपूर्व तनाव से शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1048 अंक लुढ़का!



