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‘मित्र देश’ होने के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से भारतीय जहाजों को मिलेगा सुरक्षित मार्ग

ईरान ने भारत को दिया भरोसा

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भारत के लिए ईरान की ओर से महत्वपूर्ण आश्वासन सामने आया है। भारत में ईरान के राजदूत  मोहम्मद फतहली ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारत जाने वाले जहाजों को ईरान सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों और साझा हितों का हवाला देते हुए यह भरोसा दिया।

राजदूत फतहाली ने इस अहम समुद्री मार्ग से भारतीय जहाजों के सुरक्षित पारगमन को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “हाँ। क्योंकि हम दोस्त हैं। आप भविष्य में देख सकते हैं और मुझे लगता है कि दो या तीन घंटे बाद। क्योंकि हम ऐसा मानते हैं। हम मानते हैं कि ईरान और भारत दोस्त हैं। हमारे हित एक जैसे हैं; हमारी किस्मत एक जैसी है।”

उन्होंने भारत और ईरान के रिश्तों की गहराई पर जोर देते हुए कहा, “भारत के लोगों का दुख हमारा दुख है और इसका उल्टा भी। और इसी वजह से, भारत सरकार हमारी मदद करे, और हमें भारत सरकार की मदद करनी चाहिए क्योंकि हमारी किस्मत और हित एक जैसे हैं।”

राजदूत ने यह भी बताया कि तेहरान के उच्च अधिकारियों ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास को निर्देश दिया है कि वह भारतीय सरकार की सहायता के लिए आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करे। इस संबंध में उन्होंने कहा,”भारत में राजदूत के तौर पर हम मानते हैं कि इस इलाके में हमारी किस्मत एक जैसी है और इसी वजह से ईरान के सभी बड़े अधिकारियों ने भारत में ईरान की एम्बेसी को भारत सरकार के लिए रास्ता बनाने का निर्देश दिया।”

यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सबसे अहम समुद्री लाइनों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में जहाजरानी प्रभावित हुई है। यह संकट उस समय शुरू हुआ जब 28 फरवरी को संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। इस संघर्ष में ईरान, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच युद्ध ने पूरे क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया है।

इससे पहले शुक्रवार (13 मार्च) को भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि तेहरान का कभी भी इस समुद्री मार्ग को पूरी तरह बंद करने का इरादा नहीं था। उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात के बावजूद कुछ जहाज अभी भी इस रास्ते से गुजर पा रहे हैं।

इलाही ने वैश्विक नेताओं से अपील की कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव डालें ताकि इस युद्ध को समाप्त किया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत के लिए ईरान की ओर से दिया गया सुरक्षित मार्ग का आश्वासन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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