30 C
Mumbai
Thursday, September 24, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमदेश दुनियाहोर्मुज जलडमरूमध्य से दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को अनुमति

होर्मुज जलडमरूमध्य से दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को अनुमति

‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ को मिला सुरक्षित रास्ता

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने भारत के ध्वज वाले दो एलपीजी (LPG) टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग (सेफ पैसेज) देने की अनुमति दे दी है। इन जहाजों में ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ टैंकर शामिल हैं, जो भारत के लिए द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस लेकर आ रहे हैं।

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़े संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा है। इस तनाव के बाद ईरान ने कई देशों के जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए थे और इस समुद्री मार्ग से होने वाली आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बेहद अहम मार्ग है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। इसलिए इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है।

हालांकि भारत के लिए विशेष निर्णय लेते हुए ईरान ने दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दे दी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ‘शिवालिक’ जहाज भारतीय नौसेना की सुरक्षा में होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में सफल रहा है, जबकि ‘नंदा देवी’ नाम का दूसरा जहाज भी जल्द इसी मार्ग से भारत की ओर रवाना होने वाला है। इन दोनों जहाजों का स्वामित्व भारत सरकार की कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के पास है।

बताया जा रहा है कि यह अनुमति भारत और ईरान के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत के बाद मिली है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार जारी रखने को लेकर हुई चर्चा के बाद यह सकारात्मक फैसला सामने आया।

भारत के लिए यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि देश अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत आयात मध्य पूर्व के देशों से करता है। ऐसे में अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहता है तो भारत में गैस आपूर्ति पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। फिलहाल इस क्षेत्र में कई भारतीय जहाजों के फंसे होने की जानकारी भी सामने आई है।

इस संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी अस्थिरता बढ़ गई है। कई देशों ने अपने जहाजों को इस मार्ग से गुजरने को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। कुछ जहाजों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे यह समुद्री मार्ग फिलहाल उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, इस तनावपूर्ण माहौल में भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जाना भारत-ईरान संबंधों का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे भारत में एलपीजी आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी बड़ी राहत मिलेगी।

यह भी पढ़ें:

उम्र काम करने वाले व्यायाम कैसे काम करते हैं, क्या है इनके पीछे का विज्ञान

सुस्ती और कमजोरी से परेशान? इस आयुर्वेदिक मिश्रण से शरीर से निकालें टॉक्सिन और पाएं राहत

‘मित्र देश’ होने के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से भारतीय जहाजों को मिलेगा सुरक्षित मार्ग

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,264फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
335,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें