27.7 C
Mumbai
Sunday, November 8, 2026
होमदेश दुनियास्पेस में तिरंगा फहराएगा भारत का AI रोबोट 'व्योममित्र'

स्पेस में तिरंगा फहराएगा भारत का AI रोबोट ‘व्योममित्र’

ISRO का मेगा प्लान तैयार

Google News Follow

‘गगनयान’ मिशन पर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से चलने वाला हाफ-ह्यूमनॉइड रोबोट ‘व्योममित्र’ 2026 के दूसरे हाफ में एक अनमैन्ड एक्सपेरिमेंटल स्पेस मिशन पर लॉन्च होने वाला है। ISRO के इस ऐतिहासिक मिशन के बाद, 2027 तक दो और अनमैन्ड मिशन प्लान किए गए हैं। इस सफर का आखिरी मकसद 2035 तक भारत के अपने ‘इंडियन स्पेस स्टेशन’ (BAS) को पूरी तरह से चालू करना है। इस पूरे ‘गगनयान’ प्रोजेक्ट के लिए ISRO ग्लोबल लेवल पर NASA, रोस्कोस्मोस और यूरोपियन स्पेस एजेंसी जैसे इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन के साथ काम कर रहा है। इसकी रिपोर्ट ‘बिजनेस टुडे’ ने दी है।

2027 के लिए ISRO का रोडमैप और टारगेट

ISRO की ऑफिशियल रिपोर्ट के मुताबिक, ‘व्योममित्र’ का यह मिशन पूरी तरह से बिना पायलट वाला होगा। रोबोट सही तरीके से टेस्ट करेगा कि स्पेस में इंसान का शरीर कैसे रिएक्ट करता है, कैप्सूल में माहौल कैसा है और लाइफ सपोर्ट सिस्टम कैसे काम करता है। इस मिशन की सफलता के बाद, ISRO 2027 तक दो और बिना पायलट वाले टेस्ट करेगा, जिससे 2027-2028 में भारतीय एस्ट्रोनॉट्स को सुरक्षित रूप से स्पेस में भेजने का रास्ता साफ हो जाएगा।

‘इंडियन स्पेस स्टेशन’ (BAS) की नींव

इस मिशन का आखिरी मकसद भारत का अपना स्पेस स्टेशन बनाना है। ISRO का लक्ष्य 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन – BAS को पूरी तरह से चालू करना है। इसकी शुरुआत पहले मॉड्यूल ‘BAS-01’ के लॉन्च के साथ होगी।

इंटरनेशनल स्पेस एजेंसियों के साथ सहयोग

इस मिशन को ग्लोबल लेवल पर अच्छा सपोर्ट मिला है। ISRO, गगनयान मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए दुनिया की जानी-मानी स्पेस एजेंसियों के साथ काम कर रहा है: रोस्कोस्मोस- रूस: भारतीय एस्ट्रोनॉट्स की ट्रेनिंग और क्रू मॉड्यूल के कुछ टेक्निकल पहलुओं के लिए सहयोग। CNES (फ्रांस) और ESA (यूरोप): ग्राउंड नेटवर्क सपोर्ट और स्पेस मेडिसिन में मदद। ASA (ऑस्ट्रेलिया): मिशन के लिए ट्रैकिंग और क्रू रिकवरी (समुद्र से कैप्सूल को सुरक्षित निकालना) में मदद।

‘व्योममित्र’ के टेक्निकल फीचर्स

‘व्योम’ का मतलब है आसमान और ‘मित्र’ का मतलब है दोस्त। यह रोबोट इंसानों की तरह बातचीत कर सकता है। यह ‘हाफ-ह्यूमनॉइड’ है, यानी इसके पैर नहीं हैं, बल्कि शरीर का सिर्फ ऊपरी हिस्सा है। यह क्रू मॉड्यूल में पैनल पर बटन दबाने, इंस्ट्रूमेंट्स की निगरानी करने और धरती पर मिशन कंट्रोल से सीधे बातचीत करने के लिए ज़िम्मेदार होगा।

ह्यूमन मिशन के लिए 4 भारतीय एस्ट्रोनॉट्स चुने गए

‘व्योममित्र’ के सफल टेस्ट के बाद, 2027-2028 में स्पेस में भेजे जाने वाले पहले भारतीय एस्ट्रोनॉट्स (गगनॉट्स) होंगे।

1. प्रशांत बालकृष्णन नायर (ग्रुप कैप्टन, एयर फ़ोर्स)
2. अजीत कृष्णन (ग्रुप कैप्टन, एयर फ़ोर्स)
3. अंगद प्रताप (ग्रुप कैप्टन, एयर फ़ोर्स)
4. शुभांशु शुक्ला (विंग कमांडर, एयर फ़ोर्स)

यह भी पढ़ें-

माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें