संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में चीन के स्वामित्व वाले एक जहाज पर हमले की पुष्टि की है। ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिका-इज़राइल युद्ध के बीच निशाना बनाया गया यह पहला चीनी जहाज बताया जा रहा है। ‘एक्स’ पर की गई एक पोस्ट में वॉल्ट्ज ने दावा किया कि इस जहाज पर ईरान ने हमला किया है। इसके जरिए उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से बीजिंग और तेहरान के संबंधों पर भी सवाल उठाए।
“पुष्टि हो चुकी है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान ने एक चीनी स्वामित्व वाले जहाज पर हमला किया। ऐसे दोस्त हों तो दुश्मनों की जरूरत नहीं,” अमेरिकी राजदूत ने एक्स पर लिखा। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें चीनी मीडिया संस्था ‘सियाक्सिन’ के हवाले से कहा गया था कि संयुक्त अरब अमीरात के अल जीर बंदरगाह के पास चीनी उत्पाद ले जा रहे एक बड़े टैंकर पर ईरानी मिसाइल से हमला किया गया। रिपोर्ट के अनुसार यह घटना सोमवार(4 मई) को हुई और जहाज के मालिक ने भी इसकी पुष्टि की है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रोकने के कुछ घंटों बाद ही यह हमला हुआ। इस परियोजना का उद्देश्य विवादित होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने में फंसे जहाजों की मदद करना था।
चीनी जहाज पर हमला बेहद चिंताजनक माना जा रहा है। इस क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद किसी चीनी तेलवाहक जहाज पर हमला होने की यह पहली घटना है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति के परिवहन में अहम भूमिका निभाने वाले इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में 28 फरवरी को ईरानी संघर्ष शुरू होने के बाद से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। हमले के तुरंत बाद जहाज में आग लग गई। हालांकि जहाज के चालक दल का कोई सदस्य घायल हुआ है या नहीं, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका।
इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। सोमवार को ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका होर्मुज़ में फंसे जहाजों की मदद के प्रयास शुरू करेगा, लेकिन ईरान द्वारा कई जहाजों और पड़ोसी देशों, खासकर संयुक्त अरब अमीरात पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए जाने के बाद एक दिन में ही इन प्रयासों को स्थगित कर दिया गया।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण सैकड़ों जहाज और लगभग 20,000 नाविक खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। वहीं इस सप्ताह जहाजों पर दोबारा हुए हमलों के कारण होर्मुज़ में समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है। इससे पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से मुलाकात की थी। उस दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के मुद्दे पर चर्चा की।
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