ईरान और अमेरिका–इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर हमले का दावा किया है, जबकि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने ऐसे किसी नुकसान की पुष्टि नहीं की है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में ईरान के राजदूत ने आरोप लगाया कि रविवार (1 मार्च)को संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरानी परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाया। हालांकि, इस दावे पर वैश्विक परमाणु निगरानी संस्था ने फिलहाल किसी प्रकार के नुकसान के संकेत से इनकार किया है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने सोमवार (2 मार्च)को एजेंसी के 35 सदस्यीय बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को संबोधित करते हुए कहा कि एजेंसी के पास इस बात का कोई संकेत नहीं है कि किसी परमाणु स्थापना को क्षति पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “इस बात का कोई संकेत नहीं है कि किसी भी परमाणु प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचा है या उस पर हमला हुआ है।”
ग्रॉसी ने यह भी बताया कि एजेंसी अब तक ईरान के परमाणु नियामक प्राधिकरणों से संपर्क स्थापित नहीं कर पाई है। उनके अनुसार,“ईरानी न्यूक्लियर रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ से संपर्क करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।”
दौरान क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज़ हैं और विभिन्न पक्ष एक-दूसरे पर रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के आरोप लगा रहे हैं। ईरान की ओर से लगाए गए आरोपों और IAEA के आधिकारिक बयान के बीच विरोधाभास ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि परमाणु प्रतिष्ठानों को लेकर किसी भी प्रकार की पुष्टि होती है, तो इसका वैश्विक कूटनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, IAEA की निगरानी और स्वतंत्र सत्यापन प्रक्रिया जारी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
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